पुणे में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई का कांग्रेस ने किया जोरदार विरोध, मनपा की बैठक में हंगामा; लगाए नारे
Pune Water Crisis: पुणे में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई के फैसले पर मनपा की बैठक में कांग्रेस ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने जल प्रबंधन में विफलता और टैंकर माफिया को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।
- Written By: रूपम सिंह
कांग्रेस ने किया जोरदार विरोध ,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में लागू किए गए एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई के फैसले का बुधवार को पुणे महानगर पालिका की जनरल बॉडी मीटिंग में कांग्रेस नगरसेवकों ने जोरदार विरोध किया। इस गंभीर मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के आमने-सामने आ जाने से सभागार का माहौल काफी गरमा गया। कांग्रेस सदस्यों ने मनपा प्रशासन पर जल प्रबंधन में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि नागरिकों पर यह अन्यायपूर्ण कटौती जबरन थोपी गई है।
सदन का कामकाज बाधित
पुणे जिले के बांधों में पानी का स्टॉक कम होने का हवाला देते हुए महानगर पालिका ने सोमवार, 15 जून से शहर में एक दिन छोड़कर पानी देना शुरू किया है, जिसके तीसरे ही दिन विपक्ष का गुस्सा सदन में फूट पड़ा। कांग्रेस नगरसेवकों ने “पानी हमारा अधिकार है”, “टैंकर माफिया को संरक्षण देने वालों का धिक्कार हो” और “अवैध पानी कटौती बंद करो” जैसे नारे लगाकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे कुछ समय के लिए सदन का कामकाज भी रुक गया। विपक्ष का आरोप है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान और बांधों की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने कोई दीर्घकालिक योजना नहीं बनाई, जिसके कारण आज शहर में यह कृत्रिम संकट खड़ा हो गया है।
पानी पर राजनीति न हो
पूर्व महापौर प्रशांत जगताप ने कहा कि पानी जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन इतना बड़ा निर्णय लेने से पहले सभी दलों को विश्वास में लिया जाना बेहद जरूरी था। वहीं निलेश निकम ने आरोप लगाया कि जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आने वाले दिनों में पुणेकरों को कैसे पानी दिया जाएगा। कांग्रेस गुटनेता चंदू कदम और अरविंद शिंदे ने भी गहरी नाराजगी जताई।
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जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने का आरोप
नगरसेवकों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल आपूर्ति और विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते। कई इलाकों में देर रात या अनियमित समय पर कम दबाव से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
सभागृह नेता गणेश बिडकर ने माना कि बांधों में जलसंग्रह घट रहा है और स्थिति न सुधरने पर भविष्य में दो दिन छोड़कर पानी देना पड़ सकता है, लेकिन उन्होंने फोन न उठाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही। अरविंद शिंदे ने कहा कि गलत काम करने वाले अधिकारियों को सत्ता पक्ष का संरक्षण मिलना बंद होना चाहिए, अनिता इंगले ने रिंग रोड परियोजना के लिए डैम का पानी इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई।
