

Indapur Taluka Crime News: महाराष्ट्र के पुणे जिले के इंदापूर तालुका स्थित भिगवन में एक ऐसी वारदात हुई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 21 वर्षीय युवती, जिसकी शादी में महज चार दिन शेष थे, का फिल्मी अंदाज में सरेराह अपहरण कर लिया गया। यह घटना तब हुई जब युवती अपनी शादी की खरीदारी पूरी कर मां और भाई के साथ घर लौट रही थी। अपहरणकर्ताओं ने बड़ी बेखौफता से मां और भाई की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और युवती को जबरन अपने साथ ले गए।
इस सनसनीखेज घटना के बाद भिगवन में भारी तनाव व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आज 'भिगवन बंद' का आह्वान किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युद्ध स्तर पर जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना के कई घंटों बाद भी युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
अपहरण की यह घटना पुणे-सोलापुर नेशनल हाईवे के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, युवती अपने परिवार के साथ गाड़ी में थी, तभी दो युवकों ने उन्हें रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आरोपियों ने मां और भाई के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंक दिया। आंखों में जलन के कारण जब तक वे संभल पाते, आरोपी युवती को खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा चुके थे और तेज रफ्तार से फरार हो गए। इस घटना से नेशनल हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने युवती की तलाश के लिए 6 विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद लगभग 165 किलोमीटर का एक विस्तृत रूट मैप तैयार किया है, जिस पर आरोपियों के भागने की आशंका है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि मुख्य आरोपी और पीड़ित युवती पड़ोसी हैं। पुलिस के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) के अनुसार, दोनों के बीच पिछले एक महीने से फोन पर बातचीत हो रही थी। पुलिस अब इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या यह प्रेम प्रसंग का मामला है या जबरन उठाया गया कदम।
इस घटना ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है।
हाईवे जाम: घटना के तुरंत बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुणे-सोलापुर हाईवे जाम कर दिया, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।
जन आक्रोश मोर्चा: आज भिगवन में एक बड़ा मोर्चा निकालने की तैयारी है, जिसमें भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और संग्राम जगताप के शामिल होने की चर्चा है।
प्रशासन की अपील: पुलिस प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की धार्मिक या भड़काऊ टिप्पणी से बचने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 22 फरवरी को होने वाली शादी की खुशियां अब गम और चिंता में बदल गई हैं।