भीमाशंकर मिल: 50 रुपये निधि कटौती पर बवाल, घोडगंगा मिल की साधारण सभा में जमकर हंगामा, निजीकरण न करने का दावा

Bhimashankar Sugar Mill: शुगर मिल द्वारा किसानों के गन्ने के बिलों से प्रति टन ₹50 की निधि कटौती के प्रस्ताव का राकांपा जिलाध्यक्ष देवदत्त निकम ने मंचर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा विरोध किया है।
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भीमाशंकर चीनी मिल(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Dimbhe Manikdoh Tunnel Project Protest Pune Farmers: भीमाशंकर सहकारी शुगर मिल की आगामी वार्षिक साधारण सभा में किसानों के गन्ने के बिलों से प्रति टन ₹50 की बचत राशि कम करने के प्रस्ताव का जोरदार विरोध शुरू हो गया है।

मंचर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पुणे जिलाध्यक्ष देवदत्त निकम ने इस प्रस्तावित कटौती को किसानों के पसीने की कमाई पर डाका करार दिया। उन्होंने सभी किसान सभासदों से एकजुट होकर साधारण सभा में इस अनुचित फैसले को खारिज करने का आह्वान किया है।

शिक्षा और शेयर विकास निधि के नाम पर फिजूलखर्ची का आरोप

देवदत्त निकम ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा शेयर विकास निधि और शिक्षा निधि के नाम पर किसानों की कमाई से पैसे निकालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थान की लगभग ₹40 करोड़ की भव्य इमारत पहले से बनी हुई है, लेकिन वहां छात्रों की संख्या लगातार घट रही है।

ऐसे में शिक्षा निधि के नाम पर दोबारा पैसे काटना गैर-व्यावहारिक है। इसके अलावा शेयर विकास निधि के संदर्भ में कारखाना प्रबंधन के पास पहले से ही करीब ₹2.40 करोड़ का फंड शेष पड़ा हुआ है।

फंड का उपयोग केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए

निकम ने आरोप लगाया कि चुनावों के समय किसानों के इस एकत्र फंड का उपयोग केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया जाता है। उन्होंने मिल के कार्यक्षेत्र से बाहर के गन्ना उत्पादक किसानों को भी सभासद बनाने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

इसके साथ ही हुतात्मा बाबू गेनू सागर (डिंभे-माणिकडोह) सुरंग परियोजना को रद्द करने के लिए जल्द व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान किया। इस अवसर पर तहसील युवा अध्यक्ष विशाल वाबले, केतन वाघ, शंकर टेमगिरे, तेजस जाधव, विशाल भोर और सूर्यकांत वाघ उपस्थित थे।

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शिरूर: घोडगंगा शुगर मिल का नहीं होगा निजीकरण, साधारण सभा में जमकर हंगामा

दूसरी ओर, शिरूर तहसील के न्हावरे स्थित रावसाहेबदादा पवार घोडगंगा सहकारी शुगर मिल की 35वीं वार्षिक साधारण सभा में विपक्षी सदस्यों के विरोध के चलते भारी हंगामा हुआ। मिल के अध्यक्ष ऋषिराज पवार ने स्पष्ट किया कि मिल का संचालन सहकारिता के माध्यम से ही होगा और इसका किसी भी कीमत पर निजीकरण नहीं किया जाएगा।

सभा के दौरान उपाध्यक्ष पोपट भुजबल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसे विधायक एड. अशोक पवार और पाटील फराटे की मध्यस्थता से शांत कराया गया। हालांकि, भारी बहस और हंगामे के कारण सभा बिना किसी अंतिम निर्णय के संपन्न हो गई।

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