Pune में पानी पर सख्ती, 15% कटौती से बढ़ी चिंता; कम मानसून की चेतावनी

Pune Water Cut: पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और एमआईडीसी क्षेत्रों में कम मानसून की आशंका के चलते 15% जल कटौती लागू की गई है। प्रशासन इसे भविष्य के जल संकट से बचने के लिए एहतियाती कदम बता रहा है।
Water Restrictions Tighten in Pune: 15% Cut Sparks Concern Amid Warnings of a Weak Monsoon
Pune Pimpri Chinchwad Water Shortage( Source: Social Media )
Published on
Updated on

Pune Pimpri Chinchwad Water Shortage: पुणे इस वर्ष मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका तथा एमआईडीसी क्षेत्र में 15 प्रतिशत जल कटौती लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इस निर्णय से शहरों में एक बार फिर जल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि यह कदम भविष्य की गंभीर किल्लत से बचने के लिए एक एहतियाती उपाय है और नागरिकों को इसमें सहयोग करना चाहिए।

कमजोर मानसून का पूर्वानुमान

भारतीय भौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, वर्ष 2026 में एल-निनो और इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) के प्रभाव के कारण मानसून कमजोर रह सकता है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने उपलब्ध जल स्रोतों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि 31 जुलाई तक पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए हर महीने 15 प्रतिशत कटौती लागू की जाए। इस नियोजन से वर्तमान भंडार को जुलाई अंत तक चलाना संभव होगा।

1.5 लाख कनेक्शन अवैध पाए गए

पुणे महानगर पालिका आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शहर मैभ में भौगोलिक स्थिति के आधार पर जल आपूर्ति की जा रही है, जिससे कुछ क्षेत्रों में अधिक और कुछ में कम पानी मिल रहा है।

शहर में लगभग 3.5 लाख जल कनेक्शन हैं, जिनमें से करीब 1.5 लाख कनेक्शन अवैध पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जल रिसाव (लीकेज) और पानी की चोरी के कारण लगभग 25 प्रतिशत पानी व्यर्थ जा रहा है।

इस समस्या के समाधान के लिए महानगरपालिका विशेष अभियान चला रही है। प्रशासन के अनुसार, अभी भी 40 से 50 हजार अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई शेष है, जिसे आने वाले दिनों में तेज किया जाएगा।

पुणे शहर में जल कटौती का इतिहास (2015-2024 के दौरान)

  • सितंबर 2015 मानसून की भारी कमी के कारण 15% से 20% कटौती लागू की गई और एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हुई।
  • जुलाई 2019: बाचों का स्तर 10% से नीचे गिरने पर 15% कटौती का निर्णय लिया गया जिसे भारी बारिश के बाद वापस ले लिया गया।
  • मई 2023 पाष्पीकरण बढ़ने के कारण 10-15% की अन्वैपचारिक कटौती और सप्ताह में एक दिन पानी बंद रखने का निर्णय लिया गया।
  • मई 2024 भीषण गर्मी के चलते चायरी, कात्रज और कोंढवा जैसे इलाकों में सप्ताह में एक दिन पानी की कटौती की गई।

शुक्रवार को बैठक

खडकवासला बाध श्रृंखला में वर्तमान जल भंडारण 13.20 टीएमसी (45.29%) है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (12.40 टीएमसी) से थोड़ा बेहतर है। इसके बावजूद प्रशासन जोखिम नहीं लेना चाहता। वर्तमान में पुणे मनपा प्रतिदिन लगभग 1560 एमएलडी पानी की आपूर्ति करती है, जो कटौती के बाद घटकर 1300 एमएलडी रह जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com