भीमाशंकर धाम का बदलेगा स्वरूप, कुंभ 2027 से पहले 90% विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य

Bhimashankar Development Project: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भीमाशंकर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि नासिक कुंभ 2027 से पहले अधिकांश परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी।
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भीमाशंकर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट 2027 का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
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Bhimashankar Development Project News: देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख पावन तीर्थ श्री क्षेत्र भीमाशंकर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने विकास योजना के अंतर्गत चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स का स्थल निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति तथा गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में नासिक मैं आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले भीमाशंकर विकास योजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरे में पूर्व गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, विधायक बाबाजी काले, विधायक महेश लांडगे तथा जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी सहित लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमाशंकर धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

तीर्थक्षेत्र का स्वरूप बदलने की दिशा में प्रगति

बढ़ती भीड़ को देखते हुए पिछले पांच महीनों में मुख्य मंदिर, सीढ़ी मार्ग, गर्भगृह के जीर्णोद्धार तथा भव्य सभा मंडप के कार्य तेजी से पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीम ने कम समय में सराहनीय कार्य किया है, जिससे पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पूर्व गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने जानकारी दी कि आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए 'श्री क्षेत्र भीमाशंकर आदर्श ग्राम परियोजना चरण-3' के तहत 172.21 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस राशि से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की बुनियादी संरचना को आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप दिया जाएगा।

'हेरिटेज वाडी प्रोजेक्ट 'से बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने 'हेरिटेज वाडी प्रोजेक्ट' का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि लगभग 150 घरों का पुनर्वास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से यह प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है। विस्थापित परिवारों के लिए पास ही एक नया आधुनिक गांव बसाया जा रहा है, जिसे सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त 'हेरिटेज विलेज' के रूप में विकसित किया जाएगा।

इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी, यातायात समस्या के समाधान के लिए भी व्यापक योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थक्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वतंत्र और वैकल्पिक सड़क मार्ग विकसित किए जा रहे हैं, जिससे त्योहारों और भीड़ के समय भी जाम की स्थिति न बने। इसके अलावा बुजुगों, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

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