संजय राउत और सुनेत्रा पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sanjay Raut on Sunetra Pawar: बारामती की उपचुनाव भले ही निर्विरोध न हो सकी हो, लेकिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती में अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है। उनके प्रचार से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट में शुरुआत में एनसीपी (शरद गुट) के अध्यक्ष शरद पवार की तस्वीर शामिल की गई थी, जिसे बाद में तुरंत हटा लिया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इस मुद्दे पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि क्या शरद पवार के बिना बारामती कोई अस्तित्व है? अजित का पवार हों, सुनेत्रा पवार हों या उनके परिवार के अन्य सदस्य, वे सभी आज राजनीति में पवार नाम की वजह से ही स्थापित हैं। यह पहचान शरद पवार की राजनीतिक विरासत से जुड़ी हुई है, इसे नकारा नहीं जा सकता।
संजय राउत (Sanjay Raut) ने आगे कहा कि राजनीति में कृतज्ञता का भाव होना आवश्यक है। यदि शरद पवार ने बारामती को खड़ा नहीं किया होता तो आज किसी भी पवार परिवार सदस्य को वह राजनीतिक स्थान प्राप्त नहीं होता। इसी प्रकार, बाला साहेब ठाकरे ने शिवसेना का निर्माण किया, जिसके कारण हम सभी की राजनीतिक पहचान बनी। उन्होंने कहा कि “पवार का अर्थ केवल शरद पवार है, कोई और नहीं। उनकी राजनीतिक कार्य आज भी बारामती सहित पूरे महाराष्ट्र में प्रभावी है।
सुनेत्रा पवार को लेकर टिप्पणी करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि यदि भाजपा सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लेती है तो यह उनका बड़ा राजनीतिक निर्णय माना जाएगा, उन्होंने यह भी कहा कि देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने से पहले यदि उत्तराधिकारी चयन की बात आती है तो क्या भाजपा एकनाथ शिंदे के बजाय सुनेत्रा पवार के नाम पर विचार कर सकती है, यह भी चर्चा का विषय है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके काम का मूल्यांकन उनके महिला होने के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कन्हेरी गांव के एक मंदिर में हनुमान जी के दर्शन की परंपरा का पालन करते हुए बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत की।
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दिवंगत अजित पवार भी अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत इसी मंदिर में दर्शन करते थे। सुनेत्रा पवार ने इस दौरान कहा, “शुरू में इस बात को लेकर आशंकाएं थीं कि एक महिला होने के नाते क्या वह इस जिम्मेदारी को निभा पाएंगी। हालांकि, अजितदादा के आशीर्वाद और बारामती के लोगों के सहयोग से मुझे इस चुनौती का सामना करने की शक्ति मिली।”
सुनेत्रा ने इस दौरान तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए निधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर बिखरे हुए कागजात इस बात के गवाह हैं कि अजितदादा अपनी आखिरी सांस तक काम करते रहे। उन्होंने कहा, “उनके दुखद निधन के बाद, हमें उनके कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना होगा।”