अस्पताल के बिस्तर से शरद पवार की भावुक अपील- सुनेत्रा को जिताएं, अजित को श्रद्धांजलि दें
Baramati By-election News: बारामती उपचुनाव का प्रचार थमा, शरद पवार ने अस्पताल से भावुक संदेश जारी कर सुनेत्रा पवार को जिताने की अपील की। सुनेत्रा पवार के खिलाफ 23 प्रत्याशी डटे हुए है ।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सुनेत्रा पवार व शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Baramati By-election Update: महाराष्ट्र की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली बारामती में उपचुनावों का बिगुल बज चुका है और प्रचार का शोर भी अब थम गया है। 23 अप्रैल को होने वाले इस मतदान पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। यह सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अजित पवार के विमान हादसे में हुए आकस्मिक निधन के बाद रिक्त हुई थी। अब उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के कंधों पर है।
अस्पताल से शरद पवार का संदेश
इस चुनाव में सबसे भावुक मोड़ तब आया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस के संस्थापक शरद पवार ने मुंबई के अस्पताल से बारामती की जनता के नाम एक संदेश जारी किया। खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती पवार ने कहा, डॉक्टरों ने मुझे बाहर जाने की अनुमति नहीं दी है, जिस कारण मैं अपने बारामती परिवार के बीच उपस्थित नहीं हो पा रहा हूं। मेरा शरीर यहाँ है, लेकिन मन बारामती में ही है। उन्होंने मतदाताओं से अजित पवार का वास्ता देते हुए विनती की कि सुनेत्रा पवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाकर स्वर्गीय अजीत पवार को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।
मी १९६७ मध्ये लढविलेल्या पहिल्या निवडणुकीपासून बारामती मतदारसंघातील माझ्या मतदानाचा हक्क अखंडपणे बजावला. आता २०२६ मध्ये बारामती विधानसभा मतदारसंघात महाराष्ट्राचे एक लाडके व लोकप्रिय नेते स्व. अजित पवार यांच्या दुर्दैवी, अपघाती निधनाच्या शोकात्म पार्श्वभूमीवर ही पोटनिवडणुक होत… — Sharad Pawar (@PawarSpeaks) April 21, 2026
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निर्विरोध की कोशिशें नाकाम, मैदान में 23 प्रत्याशी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पवार परिवार ने पुरजोर कोशिश की थी कि अजित पवार के सम्मान में यह चुनाव निर्विरोध संपन्न हो और सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक चुना जाए। हालांकि, राजनीतिक कशमकश के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका। तमाम अपीलों के बावजूद, सुनेत्रा पवार के खिलाफ 23 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा की जीत लगभग तय है, लेकिन असली मुकाबला अब ‘जीत के अंतर’ (Margin of Victory) को लेकर है। गौरतलब है कि स्वर्गीय अजित पवार ने पिछला चुनाव 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता था, जिसे दोहराना महायुति के लिए एक बड़ी चुनौती और प्रतिष्ठा का सवाल है।
फडणवीस और सुप्रिया एक साथ
प्रचार के अंतिम दिन बारामती में एक दुर्लभ राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सांसद सुप्रिया सुले, दोनों ने सुनेत्रा पवार के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों नेताओं ने मंच साझा नहीं किया, लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही था सुनेत्रा की जीत। मुख्यमंत्री फडणवीस ने जहाँ विकास और महायुति की मजबूती पर जोर दिया, वहीं सुप्रिया सुले ने पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव के जरिए वोट मांगे। अब देखना यह है कि 23 अप्रैल को बारामती की जनता पवार परिवार के इस भावनात्मक संदेश और महायुति के शक्ति प्रदर्शन पर क्या मुहर लगाती है।
