Khadakwasla Dam 99% भरा, शहर की पानी की जरूरत सालभर पूरी होने की संभावना
Maharashtra में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। Pune के पास स्थित खड़कवासला डैम रेंज के चारों मुख्य डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। राहत की बात ये है कि ये जमा जल से शहर की पानी जरूरतें पूरी होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे वासियों के लिए रविवार यानी 28 सितंबर की सुबह एक अहम खबर लेकर आई, जब खड़कवासला बांध श्रृंखला के चारों प्रमुख डैम अपनी पूरी क्षमता तक भर गए। इन बांधों में दर्ज किया गया 28.89 टीएमसी (कुल क्षमता का 99.11%) जल संग्रह अब पूरे साल शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने का आश्वासन देता है।
हालांकि, बांध के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का जोर कम होने के साथ ही, मुठा नदी के बहाव क्षेत्र में पानी का विसर्ग (छोड़ा जाना) अब एहतियात के तौर पर चरणबद्ध तरीके से घटाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के उपविभागीय अभियंता मोहन भदाणे के अनुसार, रविवार की सुबह 6 बजे खड़कवासला बांध से मुठा नदी के बहाव क्षेत्र में 6,884 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
दोपहर 2 बजे यह विसर्ग घटाकर 4,510 क्यूसेक कर दिया गया। वहीं, शाम 7 बजे इसे और कम करके 2,442 क्यूसेक तक सीमित कर दिया गया। हालांकि आवश्यकतानुसार विसर्ग में कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
NMC की सख्ती: 70 मेडिकल कॉलेजों को नोटिस, CCTV और निगरानी प्रणाली तुरंत करना होगा अनिवार्य
Sudden Weight Gain: बिना ज्यादा खाए भी बढ़ रहा है वजन? ये कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब में बड़े बदलाव, हटाए गए हिटलर और विभाजन से जुड़े संदर्भ
पुणे में बारिश का कहर: 1,040 लोगों का रेस्क्यू, 49 राहत केंद्र सक्रिय; खड़कवासला डैम 88% भरा
ये भी पढ़ें :- Pune में मूसलाधार बारिश का कहर: 200 से ज्यादा एसटी बसें रद्द, यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
अन्य डैमों की स्थिति
- वरसगांव डैम दोपहर 1 बजे बिजली उत्पादन गृह के माध्यम से 600 क्यूसेक और जलद्वार के माध्यम से 597 क्यूसेक, कुल मिलाकर 1,197 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- पानशेत डैम बिजली उत्पादन गृह के माध्यम से 600 क्यूसेक और जतद्वार के माध्यम से 495 क्यूसेक, कुल मिलाकर 1।095 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- टेमघर डैम टेमघर बांध 100 प्रतिशत भर चुका है, लेकिन यहां से कोई विसर्ग नहीं किया गया है, बांध क्षेत्र में बारिश कर जोर अभी भी बना हुआ है।
