अजित पवार विमान हादसे को लेकर DGCA की 22 पन्नों की पहली रिपोर्ट आई सामने, हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
Ajit Pawar Plane Crash Update: अजित पवार के विमान हादसे पर DGCA की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है। खराब विजिबिलिटी और रनवे की दूरी जैसे 4 अहम पॉइंट्स ने हादसे की वजहों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: आकाश मसने
अजित पवार प्लेन क्रैश (डिजाइन फोटो)
DGCA Report On Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे की जांच कर रही DGCA ने अपनी 22 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। इस रिपोर्ट ने उन पलों की पूरी कहानी बयां की है जब विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
हादसे के समय की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त दृश्यता (Visibility) लगभग 2000 मीटर थी। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, लैंडिंग के लिए यह विजिबिलिटी चुनौतीपूर्ण तो थी, लेकिन नामुमकिन नहीं थी। हालांकि, स्थानीय हवाओं और अचानक आए मौसम बदलाव ने स्थिति को गंभीर बना दिया था।
रनवे से चूक गया निशाना
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा विमान के लैंडिंग स्पॉट को लेकर हुआ है। जांच में पाया गया कि विमान रनवे की शुरुआत से ठीक 50 मीटर पहले जमीन से टकरा गया। इसका मतलब है कि विमान अपनी तय लैंडिंग स्ट्रिप तक पहुंचने में विफल रहा। टकराने के बाद विमान रनवे के बाहर की सतह पर फिसल गया, जिससे बड़ा हादसा होने की संभावना पैदा हो गई थी।
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ATC और पायलट का आखिरी संवाद
DGCA ने अपनी रिपोर्ट में समय का सटीक ब्यौरा देते हुए बताया है कि सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर पायलट का बारामती ATC के साथ संपर्क स्थापित हुआ था। उस समय पायलट ने लैंडिंग के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करने की सूचना दी थी। संवाद के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या ‘इमरजेंसी’ की घोषणा नहीं की गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि आखिरी मिनटों में कुछ अचानक घटित हुआ।
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जांच के अगले चरण
DGCA ने 22 पन्नों की इस विस्तृत रिपोर्ट में डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के शुरुआती विश्लेषण को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआती रिपोर्ट है। फाइनल रिपोर्ट में इंजन की स्थिति, पायलट के अनुभव और एयर क्राफ्ट के मेंटेनेंस हिस्ट्री की और गहराई से जांच की जाएगी।
