अपने ‘उस’ बयान के लिए अजीत पवार ने मांगी माफी, पढ़ें डिटेल्स
- Written By: प्रभाकर दुबे
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पुणे: राज्य में विपक्ष के नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) के बयान (Statement) की पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं। अब इसमें एक और विवाद जुड़ गया है, लेकिन इस बार अजीत पवार ने तुरंत माफी (Apologizes) मांग ली है। अजीत पवार ने विधान भवन के शीतकालीन सत्र में बोलते हुए छत्रपति संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj)को धर्मवीर के रूप में उल्लेख करने पर अपना विरोध व्यक्त किया था।
इसके बाद यह विवाद छिड़ गया। राज्य भर में प्रदर्शन भी हुए। हालांकि एनसीपी नेताओं ने अजीत पवार का समर्थन किया है, लेकिन अब अजीत पवार की तरफ से एक बार फिर विवादित बयान का जिक्र किया जा रहा है।
आचार्य तुषार भोसले ने की थी आलोचना
पुणे में एक कार्यक्रम में बोलते हुए अजीत पवार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, राजमाता जिजाऊ मासाहेब, सावित्रीबाई फुले को क्रांतिज्योति सावित्रीबाई होल्कर के रूप में उल्लेख किया। जिसके बाद बीजेपी के आध्यात्मिक मोर्चे के आचार्य तुषार भोसले ने इसकी आलोचना की। हालांकि इस जिक्र के तुरंत बाद अजीत पवार ने माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के कार्यों को हम सभी जानते हैं। बोलने के दौरान मेरे द्वारा किए गए गलत उल्लेख के लिए मैं क्षमा चाहता हूं। अजीत पवार ने इन शब्दों में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। गौरतलब है कि मुंबई में कुछ दिन पहले ही अजीत पवार ने कहा था कि मैंने जो बयान दिया है उस पर आज भी कायम हूं। उन्होंने कहा था कि वे आज भी अपने उस बयान पर कायम हैं, जिसमें मैंने संभाजी महाराज को ‘धर्मवीर’ (धर्म के रक्षक) नहीं, बल्कि स्वराज्य रक्षक कहा है। स्वराज्य रक्षक की अवधारणा व्यापक है और यह छत्रपति संभाजी महाराज के कार्य के अनुरूप है। इसलिए मैं आज भी अपने बयान पर कायम हूं।
