

Karj Maafi Yojana Pune Farmers: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026 के तहत कर्जमुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। योजना के अंतर्गत पुणे जिले के कुल 38,970 पात्र किसानों को कर्जमाफी का बड़ा लाभ मिला है, जिनका कुल 345 करोड़ 25 लाख 5 हजार 594 रुपये का बकाया कर्ज माफ कर दिया गया है।
मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिजिटली बटन दबाकर यह राशि सीधे संबंधित बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए केवल उन्हीं किसानों के खातों को राहत दी गई है जिन्होंने अपना आधार प्रमाणीकरण सफलता पूर्वक पूरा कर लिया था।
पुणे जिले के इन 38,970 किसानों पर कुल 345 करोड़ 25 लाख 5 हजार 594 रुपए की बकाया राशि थी। यह राशि सीधे संबंधित बैंकों को हस्तांतरित किए जाने से पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला है। कर्जमाफी का लाभ पाने वाले किसानों को तत्काल खरीफ फसल ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश बैंकों को दिए गए हैं। इससे कर्जमाफी के बाद किसान नए सिरे से फसल ऋण ले सकेंगे और खरीफ सीजन के लिए उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
प्रशासन ने उन किसानों से खास अपील की है जिनका नाम कर्जमाफी की पहली सूची में शामिल है, लेकिन वे किसी कारणवश अब तक अपना आधार सत्यापन नहीं करा पाए हैं। ऐसे किसान बिना समय गंवाए संबंधित बैंक शाखा, सीएससी सेंटर या सहकारिता विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर अपनी ई-केवाईसी और आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें। विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे आधार सत्यापन का कार्य पूरा होता जाएगा, वैसे-वैसे अगली किस्तों में पात्र खातों में कर्जमाफी की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।
पूरे महाराष्ट्र में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026 के तहत आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके करीब 6 लाख 22 हजार पात्र किसानों के ऋण खातों में 5 हजार 28 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई। कर्जमाफी के बाद खरीफ फसल ऋण का रास्ता साफ हो गया है।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे, राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी उपस्थित थे।
इसके अलावा सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे तथा सहकारिता आयुक्त दीपक तावड़े भी उपस्थित थे। साथ ही सभी पालकमंत्री, जिलाधिकारी और सहकारी संस्थाओं के रजिस्ट्रार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए थे।