

AFMC Pune 60th Batch Commissioning Ceremony: महाराष्ट्र के पुणे स्थित देश के प्रतिष्ठित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। संस्थान का 60वां बैच औपचारिक रूप से भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल हो गया है। शुक्रवार सुबह आयोजित एक भव्य कमीशनिंग समारोह और पासिंग आउट परेड (POP) के साथ इन युवा चिकित्सा अधिकारियों ने देश सेवा की शपथ ली। इस गौरवशाली पल के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के तरानों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (DGAFMS) की निदेशक जनरल और सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन शामिल हुईं। उन्होंने परेड की सलामी ली और युवा डॉक्टरों का हौसला बढ़ाया।
अपने संबोधन में वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कहा कि इस उच्च स्तर की परेड कभी भी संयोग से नहीं होती। यह आपकी समर्पित प्रैक्टिस, अटूट टीमवर्क और उस कड़े अनुशासन को दिखाती है जिसे आपने यहाँ विकसित किया है। आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज हमेशा से न केवल भारत के बेहतरीन मेडिकल संस्थानों में से एक रहा है, बल्कि इसने देश को बेहतरीन लीडर्स भी दिए हैं।
सर्जन सब-लेफ्टिनेंट रेश्मा गोयल ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए किसी स्टूडेंट को इससे बेहतर माहौल नहीं मिल सकता। ट्रेनिंग टीम, टीचर और ट्यूटर जितनी मेहनत करते हैं, उसकी कोई मिसाल नहीं है। नारी शक्ति की बात करें तो यह संस्थान इसे बढ़ावा देता है और इस पर गर्व करता है। यहां सभी को समान मौके मिलते हैं।
रेश्मा गोयल के पिता कर्नल जगमोहन गोयल ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व और भावुक कर देने वाला पल है। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि देश की बेटियां आगे बढ़ें और देश की सेवा करें, इससे अच्छा हमारे लिए और क्या हो सकता है।
इस अवसर पर, फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या फड़के ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि माता-पिता और मेरे सभी शुभचिंतकों के सामने मैं और मेरे सभी बैचमेट्स कमीशन हो गए हैं। मुझे बहुत खुशी है कि महिलाओं का योगदान बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि इससे सशस्त्र बलों को समर्थन मिलेगा और यह बलों की प्रगति के लिए अच्छा होगा।
अनन्या फड़के ने कहा कि मैंने पिछले चार साल में लगातार पढ़ाई की। मुझे उन अधिकारियों का सहयोग मिला है, जो हमें पढ़ा रहे थे। मुझे उनसे टिप्स मिले और उन्होंने मेरा मार्गदर्शन भी किया।
(IANS एजेंसी इनपुट के साथ)