

Indian Army Aviation Training: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित प्रतिष्ठित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में भारतीय सेना के 59 जांबाज अधिकारियों ने अपना कड़ा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें से लगभग 25 अधिकारियों को उनके बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिष्ठित फ्लाइंग विंग्स से नवाजा गया है।
इस अवसर पर आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पास आउट होने वाले सभी युवा पायलटों को बधाई देते हुए कहा कि यह समारोह दिखाता है कि भारतीय सेना अपने अधिकारियों को युद्ध के मैदान और किसी भी तरह के ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के लिए कितनी व्यापकता से तैयार करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि पिछले 23 वर्षों में इस संस्थान ने देश को 1,794 कुशल सैन्य विमानन अधिकारी दिए हैं। भारतीय सेना में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में इस स्कूल ने अब तक लगभग 20 महिला अधिकारियों को भी लड़ाकू विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी है। इसके अलावा, भारत के मित्र देशों के जांबाज अफसरों को भी यहां विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि CAATS की समय यहां महज 3 कोर्स संचालित होते थे, जो आज छह गुना बढ़कर 18 हो चुके हैं। यहां हर साल करीब 150 अधिकारियों को बेसिक, एडवांस और कॉम्बैट-विशिष्ट विधाओं में 3 महीने का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। हाल ही में आयोजित अभ्यास एविएशन शक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्सरसाइज हमारे पायलटों और विमानों की उस बेजोड़ क्षमता को दर्शाती है, जिससे वे युद्ध के समय सटीक तालमेल बिठाकर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।
आधुनिक युद्धों में तकनीक और ड्रोन की भूमिका पर बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इंडियन आर्मी जल्द ही अत्याधुनिक लार्ज-स्केल ड्रोन्स को अपनी सेना में शामिल करने जा रही है।
ये ड्रोन्स उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और रीकॉनिसेंस (टोही) प्रणालियों से लैस हैं, जो दुश्मन के इलाके की सटीक और महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी जुटाने में पूरी तरह सक्षम हैं। लंबी दूरी तक मार करने और लंबे समय तक हवा में टिके रहने की क्षमता के कारण ये ड्रोन्स गेमचेंजर साबित होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इनकी टेलीमेट्री प्रणाली इतनी एडवांस है कि यह रीयल-टाइम में हेडक्वार्टर तक खुफिया डेटा भेज सकती है, जिससे ऑन-स्पॉट त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे।