Pune District में 40,327 घरों की मंजूरी, ग्रामीणों को मिलेगा अपना आशियाना

Pune में रहने वाले लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत FY 2024-25 और FY 2025-26 के लिए Pune District में 40000 से ज्यादा घरों की मंजूरी मिल गई है।
PM Awas Yojana
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो - सोशल मीडिया
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Pune News In Hindi: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए पुणे जिले में कुल 40,327 घरों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 38,659 घरों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।

अब तक 1,306 घरों का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि बाकी 37,353 घरों का काम अभी चल रहा है। इस योजना से जिले के गरीब और बेघर परिवारों को अपना घर मिल सकेगा। यह जानकारी जिला परिषद के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से दी गई। जिले में सबसे अधिक घरकुले इंदापूर तहसील में मंजूर हुए हैं।

यहां कुल 8,334 घरकुले दिए जाने का लक्ष्य है, जिनमें से 7,703 घरों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 57 घर पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 7,646 घर निर्माणाधीन हैं। वहीं, सबसे कम घरकुले मुलशी तहसील में मंजूर हुए हैं। यहां कुल 623 घरों मंजूरी दी गई। जिनमें से 611 घरों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 16 घर पूरे हो चुके हैं, जबकि 595 घरों का काम निर्माणाधीन हैं।

सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। 1 अप्रैल 2016 से पहले लागू इंदिरा आवास योजना को परिवर्तित कर लागू किया गया है।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर परिवारों और कच्चे घरों में रहने वाले गरीब परिवारों को स्थिर और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना है। इन लाभार्थियों का चयन सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्राम सभा में तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) से किया जाता है। इससे योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचता है।

योजना की वित्तीय संरचना और लाभ

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के वित्तीय ढांचे के अनुसार, 60% धनराशि केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकारें प्रदान करती हैं। सामान्य क्षेत्रों में लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 1।20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जबकि नक्सल प्रभावित और पहाड़ी क्षेत्रों में यह सहायता 1.30 लाख रुपये तक है।
  • यह पूरी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
  • इसके अलावा, इस योजना के लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 से 95 दिनों की मजदूरी सब्सिडी भी मिलती है।
  • इसके साथ ही, घर बनाते समय शौचालय बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह योजना सिर्फ घर उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं है, - बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा, जीवन स्तर में सुधार और गरीबी को कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों ग्रामीण परिवारों को पक्के घर दिए जा चुके हैं, जिससे उनका जीवन बेहतर हुआ है और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य मिला है।

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