भंडारा में PMFME योजना के तहत 228 नए खाद्य उद्योगों का लक्ष्य, मिलेगा 35% तक अनुदान

Food Processing Industry: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के तहत भंडारा जिले को 228 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है।
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PMFME Scheme (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara PMFME: केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत चालू वर्ष के लिए जिले को व्यक्तिगत घटक श्रेणी के तहत 228 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार के कृषि विभाग की ओर से वर्ष 202021 से चलाई जा रही इस योजना के शतप्रतिशत क्रियान्वयन के लिए कृषि प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। यह योजना पूरी तरह से बैंक ऋण से जुड़ी है। इच्छुक नागरिकों को लाभ उठाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग शुरू करने के लिए कुल परियोजना लागत पर 35 प्रश. अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। जिला स्तरीय समिति की ओर से अनुशंसित और बैंक से ऋण स्वीकृत होने वाले लाभार्थियों को 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

सूक्ष्म खाद्य उद्योग शुरू करने का सुनहरा मौका

किसान उत्पादक संगठन, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और उनके महासंघों को परियोजना लागत का 35 प्रश. अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का अनुदान देय है। एफपीओ, एफपीसी, सहकारी समितियों या स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर को पात्र परियोजना लागत का 50 प्रश. तक अनुदान देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत मुख्य रूप से जल्द खराब होने वाले फल, सूखी खेती की फसलें, सब्जियां, अनाज, मोटे अनाज मिलेट्स, दलहन, तिलहन, मसाला फसलें, गुड़ आधारित उत्पाद, डेयरी व पशु उत्पाद और वनोपज पर आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

सरकार देगी 10 लाख रुपये तक सहायता

यह कर सकते हैं आवेदनयोजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्तिगत किसान, ग्रामीण व शहरी युवा, उद्योजक, किसान बचत समूह, महिला स्वयं सहायता समूह और एग्रो कंपनियां आवेदन कर सकती है। विशेष बात यह है कि आवेदक के पास खेती की जमीन होना अनिवार्य नहीं है।

निःशुल्क आवेदन के लिए जिला संसाधन व्यक्ति की मदद लें। कृषि विभाग ने आवेदन करने से लेकर बैंक ऋण मंजूर होने तक की प्रक्रिया में सहायता के लिए प्रत्येक तहसील में जिला संसाधन व्यक्ति की नियुक्ति की है, जो आवेदकों को निःशुल्क मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

आवश्यक दस्तावेजआवेदन के साथ पहचान पत्र आधार कार्ड, पैन कार्ड, गृह कर रसीद, उद्यम आधार एवं खाद्य सुरक्षा प्रमाणपत्र, मशीनरी का कोटेशन, बिजली बिल यदि जमीन खुद की नहीं है, तो मालिक का सहमति पत्र आवश्यक है।

स्वरोजगार का एक बेहतरीन अवसर

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता आर. माने ने कहा कि पीएमएफएमई योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार का एक बेहतरीन अवसर है। सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार वित्तीय बल दे रही है। जिले के अधिक से अधिक किसान और युवा इस सुनहरे मौके का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें।

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