

NCP Ajit Pawar Faction Conflict Sunil Tatkare EC Complaint: पूर्व उपमुख्यमंत्री और दिवंगत अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में गुटबाजी और अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के संविधान और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को दरकिनार कर सुनील तटकरे को महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के विरोध में सीधे भारतीय चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है।
जालना जिले के परतुर-मंठा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी अध्यक्ष भाऊसाहेब गोरे ने यह शिकायत दर्ज कराई है, जिससे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में हड़कंप मच गया है।
चुनाव आयोग को भेजी गई अपनी शिकायत में भाऊसाहेब गोरे ने आरोप लगाया है कि 3 जुलाई 2023 को सुनील तटकरे को महाराष्ट्र एनसीपी का प्रदेशाध्यक्ष बनाने की घोषणा पूरी तरह से एकतरफा थी।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के संविधान के अनुसार, राज्य समिति के सदस्यों द्वारा पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरीके से संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के जरिए अध्यक्ष का चयन किया जाना अनिवार्य है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि तटकरे की नियुक्ति के समय इस प्रक्रिया को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया था।
शिकायत में सुनील तटकरे के कार्यकाल की वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। गोरे के अनुसार, पार्टी के संविधान के तहत प्रदेशाध्यक्ष का सामान्य कार्यकाल तीन साल का होता है, जो जुलाई 2026 में समाप्त हो चुका है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है, तो सुनील तटकरे किस आधार पर अब भी प्रदेशाध्यक्ष के पद पर आसीन हैं? गोरे ने निर्वाचन आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक पद तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर गहराते सत्ता संघर्ष का नतीजा है। हाल ही में चर्चित राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार से मुलाकात की खबरों के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलावों को लेकर खींचतान तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।