Vasai Virar Water Connection: वसई-विरार में बिना OC घरों को मिलेगा पानी, मनपा का बड़ा फैसला
Vasai Virar Water Connection News: वसई-विरार मनपा ने बिना ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट वाले घरों को पानी देने का फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इस निर्णय पर विवाद गहराता नजर आ रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार वॉटर कनेक्शन इशू (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Water Connection OC Rule: वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने एक बेहद संवेदनशील लेकिन विवादास्पद मुद्दे पर ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
महासभा में सत्ताधारी बहुजन विकास आघाड़ी और भाजपा के नगरसेवकों ने सुर में सुर मिलाते हुए शहर की सभी घरों को पेयजल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
इस फैसले के बाद उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जो ‘ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट‘ (ओसी) न होने के कारण सालों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया था कि अनधिकृत निर्माणों को पानी का कनेक्शन न दिया जाए।
सम्बंधित ख़बरें
रेलवे की 175 करोड़ की योजना पर लगा ब्रेक! जानिए क्यों अटका वसई-नायगांव-जुचंद्र कॉर्ड रेल लाइन का काम?
नालासोपारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कजरी महोत्सव; संजोली पांडे के गीतों से शिवमय हुआ माहौल
Palghar: बच्ची को गोद में लेने के विवाद में ससुर ने बहू को दिया धक्का, सिर पर गंभीर चोट लगने से महिला की मौत
नासिक: करंजवन बांध 90% भरा, कादवा नदी में बाढ़ से बांध जलमग्न, मनमाड में चार दशक का जल संकट होगा खत्म
इस आदेश के बाद प्रशासन ने नए कनेक्शनों पर पूरी तरह रोक लगा दी थी, जिससे बस्तियों और पुराने गांवों में वितरण व्यवस्था में खामी, कई इलाके अब भी सूखे प्रशासन का मानना है कि शहर में हजारों अवैध कनेक्शन चल रहे हैं, जिससे महापालिका को करोड़ों का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
वसई विरार मनपा का खजाना बढ़ेगा
इन कनेक्शनों को वैध करने से न केवल पानी की चोरी रुकेगी, बल्कि वसई-विरार शहर महानगरपालिका के खजाने में भी इजाफा होगा, वर्तमान में शहर को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते कई इलाके अब भी सूखे है।
एक तरफ प्रशासन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ उन्हीं निर्माणों को ‘मानवता’ के नाम पर पानी देना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बीच महापालिका का यह दांव कितना टिकाऊ साबित होता है।
महापौर अजीव पाटिल ने स्पष्ट किया कि यह राहत मुख्य रूप से मानवीय आधार पर दी जा रही है। उन्होंने दो-टूक कहा हमारी प्राथमिकता पुराने घरों और ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देना है। किसी भी नए अवैध निर्माण को इस नीति का फायदा उठाकर जल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। अवैध निर्माणों के खिलाफ महापालिका की कार्रवाई समानांतर रूप से जारी रहेगी।
– महापौर अजीव पाटिल वसई विरार महापालिका
वितरण व्यवस्था में खामी, कई इलाके अब भी सूखे
प्रशासन का मानना है कि शहर में हजारों अवैध कनेक्शन चल रहे हैं, जिससे महापालिका को करोड़ों का वित्तीय नुकसान हो रहा है। इन कनेक्शनों को वैध करने से न केवल पानी की चोरी रुकेगी, बल्कि महापालिका के खजाने में भी इजाफा होगा। वर्तमान में शहर को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते कई इलाके अब भी सूखे हैं।
ये भी पढ़ें :- Mira Bhayandar Water Crisis: मीरा-भाईंदर में जल संकट गहराया, मई में दो बार 24 घंटे पानी सप्लाई बंद
एक तरफ प्रशासन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ उन्हीं निर्माणों को ‘मानवता’ के नाम पर पानी देना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बीच महापालिका का यह दांव कितना टिकाऊ साबित होता है।
