Palghar News: वसई-विरार में प्रदूषण बढ़ा, करोड़ों की फॉग कैनन गाड़ियां बनी शोपीस
Maharashtra: वसई-विरार शहर में बढ़ते धूल प्रदूषण से लोग परेशान हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए मनपा द्वारा खरीदी गई करोड़ों रुपये की फॉग कैनन गाड़ियां इस्तेमाल के बजाय मुख्यालय परिसर में खड़ी हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
फॉग कैनन गाड़ियां (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar News In Hindi: वसई विरार शहर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मनपा ने करोड़ों रुपये खर्च कर फॉग कैनन मशीनें खरीदी हैं। लेकिन, देखने को यह मिल रहा है कि यह मशीनें मुख्यालय परिसर में ही धूल खा रही है।
वहीं दूसरी ओर, शहर के लोग बढ़ते धूल के प्रदूषण से परेशान हैं। वसई विरार शहर का शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। शहर में अलग-अलग जगहों की सड़कों पर बढ़ते यातायात और अलग-अलग जगहों पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है।
शहर के लोगों को घरों से बाहर निकलते ही प्रदूषित माहौल का सामना करना पड़ता है। उन्हें शहर की मेन सड़कों, हाईवे और अंदरूनी सड़कों जैसी अलग-अलग सड़कों पर चलते समय धूल से परेशान होना पड़ता है। प्रदूषण नियंत्रण के मामले में, वसई विरार मनपा ने राष्ट्रीय हवा शुद्धिकरण कार्यक्रम के तहत पांच फॉग कैनन गाड़ियां खरीदी थीं। इसके लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपये का फंड खर्च किया गया है।
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लोगों की सेहत खतरे में
- इस सिस्टम से हवा में धूल के कणों को पानी की बहुत बारीक बूंदों का स्प्रे करके नियंत्रित किया जा सकता है, और उस गाड़ी में 10 हजार लीटर पानी स्टोर करके और बारीक नोजल से पानी का स्प्रे करके हवा में उड़ने वाली धूल को कंट्रोल किया जा सकता है।
- लेकिन, यह देखने को मिल रहा है कि मनपा द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए खरीदी गई फॉग कैनन गाड़ियों का ठीक से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है और प्रदूषण दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब प्रदूषण नियंत्रण के लिए खरीदी गई गाड़ियां ही नहीं चल रही है, तो प्रदूषण कैसे नियंत्रित होगा।
- मनपा ने करोड़ों रुपये खर्च करके प्रदूषण नियंत्रण करने वाली गाड़ियां खरीदी हैं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब इन गाड़ियों का इस्तेमाल सिर्फ लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए, तो धूल में खड़ी करके मनपा क्या हासिल कर रही है। अभी, शहर में लगभग सभी जगहों पर प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है।
