Palghar: नायगांव में ईवीएम ठप होने से मतदान प्रभावित, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
Maharashtra News: वसई-विरार मनपा चुनाव में नायगांव के मतदान केंद्र पर ईवीएम तीन घंटे बंद रही। मतदान बाधित होने से चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
- Written By: अपूर्वा नायक
ईवीएम
Naigaon News In Hindi: वसई-विरार शहर मनपा निकाय चुनाव के दौरान वसई के नायगांव इलाके में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह मामला वार्ड क्रमांक 26 के उमेलमान इलाके का है। यहां जिला परिषद स्कूल के कमरा नंबर 3 में स्थित मतदान केंद्र क्रमांक 28 पर लगी वोटिंग मशीनें लगभग तीन घंटे तक पूरी तरह बंद रहीं।
मतदान कब और कितनी देर तक प्रभावित रहा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पार्टी प्रतिनिधियों के अनुसार, सुबह से ही कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम आधे घंटे से एक घंटे तक बंद रहने की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन उमेलमान के इस केंद्र पर मशीनें करीब तीन घंटे तक बंद रहीं, जिससे मतदान पूरी तरह ठप हो गया।
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उम्मीदवारों और मतदाताओं की प्रतिक्रिया क्या रही?
तीन घंटे तक मतदान बाधित रहने से उम्मीदवारों, पार्टी प्रतिनिधियों और मतदाताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। मतदाताओं को लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं कई लोग बिना मतदान किए लौटने को मजबूर हो गए।
क्या मशीनों को लेकर अन्य शिकायतें भी सामने आईं?
हां, कुछ मतदान केंद्रों से यह शिकायत भी सामने आई कि एक खास पार्टी के चुनाव चिह्न के सामने लगा बटन ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिससे मतदान को लेकर संदेह और गहराता गया।
अतिरिक्त मशीन होने के बावजूद देरी क्यों हुई?
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अतिरिक्त ईवीएम उपलब्ध होने के बावजूद 10–15 मिनट में नई मशीन लगाने के बजाय तीन घंटे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रखी गई। इससे प्रशासनिक लापरवाही के आरोप और तेज हो गए हैं।
इस घटना से क्या सवाल खड़े हो रहे हैं?
इस पूरे मामले ने चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और उम्मीदवारों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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आगे क्या कार्रवाई की मांग की जा रही है?
राजनीतिक दलों और नागरिकों की ओर से मांग की जा रही है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की पहचान की जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे।
