निकाय चुनाव से पहले महायुति में फूट, पालघर में मतदाता सूची को लेकर भाजपा-शिवसेना आमने-सामने
Maharashtra Nikaay Chunaav: पालघर नगर परिषद चुनाव से पहले मतदाता सूची पर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) आमने-सामने आ गई है। सूची में अनियमितताओं के आरोपों से चुनावी माहौल गर्मा गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पालघर नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Mahayuti Matbhed In Palghar: मतदाता सूची को लेकर पूरे देश में राजनीतिक जंग छिड़ी हुई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं 2 दिसम्बर को होने वाले पालघर नगर परिषद चुनाव के लिए जारी मतदाता सूची को लेकर भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) आमने सामने हो गई है।
पालघर नगर परिषद चुनाव में मतदाता सूची को लेकर दोनों सत्ताधारी मित्र पार्टियों में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा ने शिवसेना पर आरोप लगाते हुए कहा कि, शिंदे गुट ने अपने पसंदीदा अधिकारी की नियुक्ति के जरिए मतदाता पंजीकरण को प्रभावित करने की कोशिश की है।
भाजपा के जिला महासचिव अशोक अंबुरे ने शिवसेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, पालघर नगर परिषद चुनाव के लिए बिना किसी सत्यापन के शिवसेना ने अधिकारियों, कर्मियों पर राजनीतिक दबाव डाल कर कई त्रुटियों के बावजूद पूरक मतदाता सूची को प्रकाशित करवाया है।
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बड़े पैमाने पर बरती गई अनियमितताएं
- उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई है। कई मतदाताओं के नाम बिना प्रमाण, पते या पहचान संख्या के दर्ज किए गए हैं और कुछ आवेदनों को अयोग्य घोषित करने की बजाय सूची में शामिल कर लिया गया है।
- आगामी पालघर नगर परिषद चुनावों की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा ने शिवसेना (शिंदे गुट) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि, प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में बिना किसी सत्यापन और कई त्रुटियों के बावजूद पूरक मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है।
- एक वार्ड के मतदाताओं का नाम दूसरे वाडों में डाल दिया गया है। एक ही मतदाता का नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज है। ऐसे मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया गया है, जो उस वार्ड या इलाके में नहीं रहते।
