(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Palghar Minor Molestation Case: महाराष्ट्र के पालघर जिला परिषद कार्यालय से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ शिक्षा के मंदिर और प्रशासनिक विभाग में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिला परिषद के शिक्षा विभाग में कार्यरत एक 45 वर्षीय कर्मचारी पर 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना 1 अप्रैल की बताई जा रही है। पीड़ित छात्रा अपनी बहन के साथ पालघर जिला परिषद कार्यालय के शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के संबंध में जानकारी लेने गई थी। बातचीत के दौरान, आरोपी अधिकारी ने छात्रा को स्कॉलरशिप की फाइल दिखाने और जानकारी देने का बहाना बनाया और उसे गलत तरीके से स्पर्श किया।
आरोपी की इस हरकत से डरे बिना, नाबालिग छात्रा ने तुरंत साहस का परिचय दिया। उसने न केवल आरोपी का कड़ा विरोध किया, बल्कि उसे मौके पर ही थप्पड़ जड़ दिया। इसके तुरंत बाद छात्रा पालघर पुलिस स्टेशन पहुंची और आपबीती सुनाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पालघर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज रानाडे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “संबंधित कर्मचारी को अब तक एक मेहनती कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था, और ऐसी घटना का होना अविश्वसनीय है। हालांकि, हम पुलिस रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।”
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। सीईओ रानाडे ने आश्वासन दिया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए गठित ‘विशाखा समिति’ इस मामले की गहन जांच करेगी। यदि आंतरिक जांच में दोष सिद्ध होता है, तो कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।