Palghar Voter List Revision: मतदाता सूची पुनरीक्षण 50% पार, प्रशासन ने तेज की सत्यापन प्रक्रिया

Palghar Voter List Revision:पालघर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची का 51% मैपिंग कार्य पूरा हो गया है। प्रशासन 100% सटीक डेटा के लिए डोर-टू-डोर सत्यापन और सख्त निगरानी कर रहा है।
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वोटर लिस्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Palghar Voter List Revision SIR 2026: लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में पालघर जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 50% का महत्वपूर्ण चरण पार कर लिया गया है।

जिलाधिकारी डॉ इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में प्रशासन 100% सटीक मतदाता सूची तैयार करने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। पिछले 20 वर्षों की विसंगतियों को दूर करते हुए 2002 के मूल डेटा से वर्तमान रिकॉर्ड को जोड़ने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ चल रहे इस अभियान में जिले के 23.97 लाख मतदाताओं में से 51% प्रविष्टियों का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है।

Palghar Voter List Revision में सेल्फ मैपिंग

40 से 100 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 6.96 लाख वोटरों का 'सेल्फ मैपिंग' व 18 से 39 वर्ष आयु वर्ग के 5.42 लाख युवा मतदाताओं का 'सेल्फ मॅपिंग' किया गया है। इस दौरान दहानू 81.47%, विक्रमगढ़ 86.50% और पालघर 76.85 प्रतिशत विधानसभा क्षेत्रों ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जबकि नालासोपारा 23.11%, बोईसर 39.23% और वसई 41.60% अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में सुधार के कड़े निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से बीएलओ की उपस्थिति नालासोपारा में 200 में से केवल 113, बोईसर में 137 में से 109 और वसई में 63 में से 55 दर्ज की गई।

किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कलेक्टर डॉ इंदु रानी जाखड़ ने चेतावनी दी कि, मतदाता सूची का पुनरीक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए प्रशासन ने 'डोर-टू-डोर' अभियान शुरू किया है, जिसके तहत प्रत्येक घर का प्रत्यक्ष सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

प्रवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं को खोजने के लिए पुलिस, ग्राम पंचायत, नगर निगम कर्मचारी और आशा वर्कर्स की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही, 2002 के रिकॉर्ड में संदर्भहीन 'जीरो-रेफरेंस' मतदाताओं को जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट या शैक्षणिक दस्तावेज सहित 13 वैध प्रमाणों में से एक प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

संदिग्ध मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर सहयोग करने और नागरिकों से चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर अपनी जानकारी सत्यापित करने की अपील की है।

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