नालासोपारा प्रॉपर्टी एजेंट हत्याकांड: 16 साल तक पुलिस को छकाने वाले पति-पत्नी मध्यप्रदेश से गिरफ्तार

Palghar News: महाराष्ट्र के नालासोपारा में 2009 में हुई प्रॉपर्टी एजेंट की हत्या के आरोपी पति-पत्नी 16 साल बाद गिरफ्तार। मध्य प्रदेश के इंदौर में पहचान बदलकर छिपे थे आरोपी। पढ़ें पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Palghar Nalasopara Real Estate Agent Murder Case: कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक रियल एस्टेट एजेंट की हत्या के मामले में फरार चल रहे पति-पत्नी को पुलिस ने 16 साल बाद मध्य प्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने अपनी पहचान बदलकर डेढ़ दशक से अधिक समय तक पुलिस को चकमा दिया, लेकिन अंततः वे पकड़े गए।

2009 का वह हत्याकांड और विवाद

यह मामला अप्रैल 2009 का है, जब मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र नालासोपारा (पूर्व) में एक प्रॉपर्टी एजेंट की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि हत्या की मुख्य वजह कमीशन के पैसों को लेकर हुआ विवाद था। इस सनसनीखेज मामले में धर्मेंद्र रामशंकर सोनी (54) और उनकी पत्नी किरण धर्मेंद्र सोनी (50) सहित कुल चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सोनी दंपति सहित तीन अन्य लोग फरार होने में कामयाब रहे थे।

ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस की अपराध शाखा प्रकोष्ठ-3 ने ठंडे बस्ते में पड़े इस पुराने मामले की जांच हाल ही में दोबारा शुरू की। वरिष्ठ निरीक्षक शाहूराज राणावरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी नेटवर्क का सहारा लिया। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू गांव पहुंची, जहां आरोपी दंपति अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

अदालत ने 22 दिसंबर तक दी पुलिस कस्टडी

गिरफ्तारी के बाद दंपति को नालासोपारा लाया गया, जहां उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को 22 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उनसे यह पूछताछ कर रही है कि इन 16 वर्षों के दौरान उन्हें किन लोगों ने पनाह दी और उनके ठिकाने कहां-कहां रहे।

चौथे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी भी चौथा आरोपी फरार है। अपराध शाखा की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। 16 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी ने अपराधियों के बीच यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, पुलिस की नजरों से बच पाना नामुमकिन है।

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