

Sambhajinagar Flower Bazaar Dilapidated Structure: छत्रपति संभाजीनगर के मुकुंदवाड़ी क्षेत्र में अवैध बैनर हटाते समय मनपा कर्मी की मौत के बाद शहर में खतरनाक इमारतों का मुद्दा गरमा गया है। बताया जा रहा है कि जर्जर इमारतों पर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है।
मानसून से पहले हर वर्ष महानगरपालिका जर्जर व खतरनाक इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी करती है। यही नहीं, इमारतों की मरम्मत व हटाने के निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कई स्थानों पर हालत जस की तस बनी हुई है।
सिटी चौक क्षेत्र के फूलबाजार में एक बहुमंजिला इमारत बेहद जर्जर अवस्था में खड़ी है। इमारत की दीवारों में दरारें, ढीली निर्माण सामग्री व कमजोर छत के बावजूद भीतर नियमित रूप से व्यापार बाकायदा जारी है।
आसपास की गलियां संकरी हैं, जहां भीड़ रहती है। रोजाना यहां से सैकड़ों नागरिकों के गुजरने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन ने केवल नोटिस देकर दिखावा किया है। प्रत्यक्ष निरीक्षण, संरचनात्मक जांच व तात्कालिक उपायों के अभाव से क्षेत्र के नागरिकों में भय का माहौल है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा के मौसम में कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में कार्रवाई में देरी जनहानि को आमंत्रण देने जैसा है। नागरिकों ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर गंभीर ध्यान देने व प्रशासन पर ठोस कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की मांग की है।