मानसून से पहले संयुक्त नगर में निर्माण कार्य बना चिंता का कारण, स्थानीय नागरिकों ने कार्रवाई की उठाई मांग

Nalasopara Builder Rule Violation: नालासोपारा के संयुक्त नगर में एक निर्माण परियोजना को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क अवरोध और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
Nalasopara Builder Rule Violation News
नालासोपारा निर्माण नियम का उल्लंघन (सौ. नवभारत )
Published on
Updated on

Nalasopara Builder Rule Violation News: वसई-विरार शहर में इस समय बड़े पैमाने पर निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के निर्माण का काम चल रहा है। लेकिन, सरकार और महापालिका द्वारा तय किए गए नियमों को ताक पर रखकर इन परियोजनाओं का काम किया जा रहा है।

ऐसा ही मामला नालासोपारा के संयुक्त नगर से सामने आया है, जहां बिल्डर द्वारा अपनी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के निर्माण के दौरान न केवल सार्वजनिक सड़क पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, बल्कि मानसून के ठीक पहले पूरे इलाके की मुख्य ड्रेनेज लाइन को भी ध्वस्त कर दिया गया है। इस लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है और आगामी मानसून में पूरे क्षेत्र के जलमग्न होने का वास्तविक खतरा पैदा हो गया है।

मनपा के जारी सीसी नियमों को दिखाया ठेंगा

आरोप है कि विकासक सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है, जिसका सीधा खामियाजा यहां के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। नियमों के अनुसार, महानगरपालिका द्वारा किसी भी निर्माण कार्य के लिए सीसी जारी करते समय सख्त गाइड लाइंस दी जाती है।

इसके तहत कोई भी बिल्डर बिना पूर्व अनुमति के न तो सार्वजनिक सड़क को बाधित कर सकता है और न ही निर्माण सामग्री रास्ते पर डाल सकता है। परंतु, संयुक्त नगर की इस साइट पर नियमों को पूरी तरह ताक पर रखा दिया गया है। सड़क पूरी तरह ब्लॉक-बिना मनपा की अनुमति के पूरी सड़क को बंद कर दिया गया है।

भारी मात्रा में सीमेंट, रेत और इंटे बीच रास्ते पर फैली हुई है। जिससे वाहनों और राहगीरों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है। निर्माण कार्य के दौरान मुख्य ड्रेनेज और सीवर लाइन को तोड़ दिया गया है। इसके चलते गंदा और दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है। मानसून सिर पर है, जिससे इलाके में मलेरिया, डेंगी और गैस्ट्रो जैसी घातक महामारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।

मनपा व पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

नियमों के मुताबिक, निर्माण स्थल को हरे पर्दे या जाली से ढंकना अनिवार्य है। साथ ही धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव और वायु गुणवत्ता मापने की प्रणाली लगाना आवश्यक है, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया, जिससे आसपास के घर और सड़कें धूल की मोटी परत से सन चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मनपा का स्थानीय प्रभाग ऑफिस और पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठा है। जनता अब मांग कर रही है कि दोषी बिल्डर के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com