Nagpur Municipal Corporation: अवैध निर्माण पर 151 नगरसेवकों को नोटिस, महापौर से लेकर विपक्ष तक सब घेरे में

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा ने अनधिकृत निर्माण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 151 नगरसेवकों को नोटिस जारी किए। इसमें महापौर से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक शामिल हैं।
Nagpur Municipal Corporation: Notices Issued to 151 Corporators Over Illegal Constructions; Everyone—From the Mayor to the Opposition—Under the Scanner
नागपुर मनपा कार्रवाई,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Corporation Action: नागपुर महानगर पालिका प्रशासन ने पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शहर की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब मनपा प्रशासन ने अनधिकृत निर्माण के मामले में 151 नगरसेवकों को नोटिस थमा दिए, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्रवाई की जद में शहर की प्रथम नागरिक यानी महापौर, उपमहापौर, सत्तापक्ष के नेता, नेता प्रतिपक्ष, गुट नेता और सभी समितियों के सभापति भी शामिल हैं। मनपा प्रशासन ने सभी को उनके आवास के मंजूर नक्शों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।

शिकायत के बाद प्रशासन सख्त

यह बड़ी कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता और वकील एडवोकेट सुहास बिडकर की शिकायत के आधार पर की गई है। एड. बिडकर ने 6 जनवरी 2026 को मनपा आयुक्त को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें राज्य चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए जनप्रतिनिधियों के अनधिकृत निर्माणों पर 'सू-मोटो' कार्रवाई की मांग की गई थी। इस नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जाएगी।

चुनाव आयोग के नियम का हुआ इस्तेमाल

इस पूरे मामले की जड़ में राज्य चुनाव आयोग का 17 दिसंबर 2025 का एक महत्वपूर्ण संशोधित आदेश है। इस नियम के तहत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को शपथ पत्र देना होता है कि उन्होंने, उनके पति/पत्नी या उन पर आश्रित किसी भी व्यक्ति ने कोई अनधिकृत निर्माण नहीं किया है। यदि चुनाव जीतने के बाद यह साबित होता है कि नगरसेवक ने अनधिकृत निर्माण किया है, तो उसे पद के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।

7 दिन के भीतर मांगे गए मंजूर नक्शे

नागपुर मनपा के सभी जोन के सहायक आयुक्तों के माध्यम से ये नोटिस जारी किए गए हैं। नेहरूनगर जोन क्रमांक 5 द्वारा महापौर नीता राजेंद्र ठाकरे और नेता प्रतिपक्ष संजय मधुकर महाकालकर को नोटिस जारी किए गए हैं।

इसी तरह लकड़गंज जोन क्रमांक 8 से सत्तापक्ष नेता बाल्या गोविंदराव बोरकर को भी नोटिस भेजा गया है। प्रशासन ने सभी नगरसेवकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे 7 दिनों के भीतर अपने, अपने पति/पत्नी या आश्रितों के नाम पर मौजूद इमारतों और संपत्तियों के मंजूर किए गए नक्शे कार्यालय में जमा करें, ताकि अनधिकृत निर्माण की वास्तविकता की जांच की जा सके।

कानून के सामने सभी समान

इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए शिकायतकर्ता एड. बिडकर ने कहा कि मनपा आयुक्त ने साबित कर दिया है कि 'कानून के सामने सभी समान हैं। उन्होंने कहा, आयुक्त ने कानून का कड़ाई से पालन किया है और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं किया है, जो अत्यंत स्वागत योग्य है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे पारदर्शिता का पालन करते हुए प्रशासन और जनता के सामने अपने मंजूर नक्शे पेश करें और साबित करें कि उनके शपथ पत्र और वास्तविक निर्माण में कोई अंतर नहीं है।

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