छत्रपति संभाजीनगर में शुरू होते ही नई जलापूर्ति योजना ठप, मुख्य पाइपलाइन का वाल्व खराब होने से मचा हाहाकार
Sambhajinagar water: छत्रपति संभाजीनगर में मुख्य पाइपलाइन के स्कोर वाल्व में खराबी और जायकवाड़ी बांध का जलस्तर घटने से नई जलापूर्ति योजना पहले ही दिन ठप हो गई, जिससे शहर में पानी का संकट गहरा गया है।
- Written By: रूपम सिंह
जलापूर्ति योजना ठप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sambhajinagar water supply scheme: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को शुरू होते ही बड़ा झटका लग गया है। शुक्रवार से नई योजना के तहत नियमित जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी की गई थी, लेकिन जायकवाड़ी कॉलोनी स्थित श्मशान भूमि के समीप 2500 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन के स्कोर वाल्व में खराबी आने से पहले ही दिन पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। इसके कारण शुक्रवार को शहर को नई योजना से एक बूंद भी पानी नहीं मिल सका। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने जीवीपीआर कंपनी की मदद से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया है।
अधिकारियों के अनुसार, देर रात तक मरम्मत कार्य जारी रहने के बाद शनिवार सुबह पंपिंग शुरू किए जाने की संभावना है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 12 जून से नई जलापूर्ति योजना से शहर को पानी उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई थी।
चार जून तक नई प्रणाली के माध्यम से पानी लेकर उसका शुद्धिकरण किया गया और जलाशय में संग्रहित किया गया था। इसके बाद दो दिनों तक शहर के विभिन्न हिस्सों में 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति भी की गई। हालांकि, नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र की पाइपलाइन में रिसाव होने से सात जून से मरम्मत का काम शुरू किया गया, जिसके लिए तीन दिन का शटडाउन लिया गया था।
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अन्य स्थानों पर रिसाव की आशंका से बढ़ी चिंता
मुख्य पाइपलाइन में खराबी सामने आने के बाद महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और जीवीपीआर कंपनी के अभियंताओं की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों को आशंका है कि अन्य स्थानों पर भी रिसाव हो सकता है। नक्षत्रवाडी स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र की पाइपलाइन में पहले हुई मरम्मत पूरी तरह सफल रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
यदि अन्य स्थानों पर भी बड़े पैमाने पर रिसाव मिला तो नई जलापूर्ति योजना से नियमित आपूर्ति शुरू होने में और देरी हो सकती है। शहरवासियों को नई योजना से नियमित जलापूर्ति की उम्मीद थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पहले ही दिन योजना पर संकट के बादल छा गए हैं। अब सभी की निगाहें शनिवार सुबह शुरू होने वाली पंपिंग और मरम्मत कार्य की सफलता पर टिकी हुई हैं।
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जलस्तर घटने से बढ़ रही हैं परेशानियां
इसी दौरान जायकवाडी बांध का जलस्तर घटने से पानी उठाने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई। स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए बांध में 20 अश्वशक्ति के तीन सबमर्सिबल पंप लगाए और अतिरिक्त वैक्यूम पंपों की सहायता से जैकवेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की।
वैकल्पिक व्यवस्था के बीच जायकवाड़ी कॉलोनी स्थित श्मशान भूमि के पास मुख्य पाइपलाइन के स्कोर वाल्व का बास्केट क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कारण तेज दबाव के साथ पानी बाहर निकलने लगा। मरम्मत के लिए लगभग पांच किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को खाली करना पड़ा, जिसमें कई घंटे लग गए।।
