Nashik TCS Case: मुस्लिम दिखा नहीं कि जिहाद का नाम दे दिया! AIMIM नेता वारिस पठान का नासिक केस पर बड़ा बयान
Nashik TCS Case: AIMIMनेता वारिस पठान ने नासिक टीसीएस मामले में अपनी पार्टी का बचाव किया है। उन्होंने संजय शिरसाट के आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
AIMIM नेता वारिस पठान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Waris Pathan On Nashik TCS Case: नासिक के चर्चित टीसीएस (TCS) कथित धर्मांतरण मामले में अब AIMIM और शिवसेना के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पार्टी नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने इस मामले में एआईएमआईएम को घसीटे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने राज्य के मंत्री संजय शिरसाट के आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए सत्तापक्ष पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पूरी पार्टी को कटघरे में खड़ा करना गलत
वारिस पठान ने नासिक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, जो लोग हम पर ये निराधार और तुच्छ आरोप लगा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। इस तरह से पूरी एआईएमआईएम को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है। किसी एक घटना के आधार पर पूरी पार्टी या समाज पर निशाना साधना न्यायसंगत नहीं है।
इमतियाज़ जलील का बचाव और शिरसाट पर हमला
संजय शिरसाट द्वारा पूर्व सांसद इमतियाज़ जलील पर लगाए गए आरोपों पर वारिस पठान ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, संजय शिरसाट के आरोप केवल राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) हैं। इमतियाज़ जलील ने शिरसाट के घोटालों और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था, इसीलिए वे अब अपने स्वार्थ और बदले की भावना से ऐसे आरोप मढ़ रहे हैं।
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कॉरपोरेट जिहाद और संविधान
वारिस पठान ने समाज में बढ़ती नफरत और विशेष शब्दावली के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, जहाँ कहीं भी कोई मुस्लिम दिखा, वहाँ उसे कॉरपोरेट जिहाद या लव जिहाद से जोड़कर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। यह देश के धर्मनिरपेक्षता (Secularism) का गला घोंटने वाली बात है और पूरी तरह से असंवैधानिक है।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आरोप देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुँचाते हैं। पठान के अनुसार, राजनीतिक फायदे के लिए किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
