

Trimbakeshwar Shravan Monday: श्रावण मास और पहले श्रावणी सोमवार के अवसर पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर में भगवान शिव के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। यद्यपि प्रशासन ने सोमवार के लिए यातायात नियंत्रण और बाहरी पार्किंग की व्यवस्था की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार और रविवार की छुट्टियों के दौरान उमड़ी भारी भीड़ का प्रबंधन करने में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह विफल साबित हुआ।
रविवार को बारिश का आनंद लेने और दर्शन के लिए निकले हजारों श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को भारी ट्रैफिक जाम के कारण बीच रास्ते से ही (महिरावणी से) उल्टे पांव लौटना पड़ा। हालांकि, सड़क का संकरा होना और कई स्थानों पर खुदाई का काम चलने के कारण वाहनों को वापस मोड़ना भी चालकों के लिए बेहद मुश्किल भरा रहा।
एसटी महामंडळ (राज्य परिवहन) ने सोमवार की भीड़ से होने वाली कमाई को ध्यान में रखते हुए खंबाले से बसों की व्यवस्था की है। परंतु उत्तर भारत में दो सप्ताह पहले से श्रावण शुरू हो जाने के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या का अंदाजा लगाने में प्रशासन नाकाम रहा, जिसके चलते हजारों पर्यटकों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
त्र्यंबकेश्वर शहर में सीमित पार्किंग क्षमता को देखते हुए सभी निजी वाहनों (कार, टैक्सी, चार पहिया वाहन) के शहर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इन वाहनों को खंबाले स्थित बाह्य पार्किंग में पार्क करना अनिवार्य होगा, जहां से यात्रियों को आगे ले जाने के लिए एसटी महामंडळ की अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई गई हैं।
नाशिक से जव्हार, मोखाडा और पालघर जाने वाले यातायात को गोवर्धन - गिरनारे - धोंडेगांव - देवरगांव - वाघेरा फाटा - आंबोली फाटा - जव्हार मार्ग से डायवर्ट किया गया है। नियमित एसटी बसों, एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियों, स्कूली वाहनों और स्थानीय निवासियों के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
नासिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी और जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
सुरक्षा नियम: मंदिर परिसर में बैग, थैले और कीमती सामान लाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। कोई भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस आपातकालीन नंबर (112) पर सूचना दें।
भीड़ से बचने की सलाह: गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और 0 से 5 वर्ष के बच्चों को भीड़ को देखते हुए यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
नियंत्रण कक्ष: श्रद्धालुओं की सहायता व शिकायतों के निवारण हेतु त्र्यंबकेश्वर पुलिस स्टेशन में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।