

Trimbakeshwar Digital Census 2026: महाराष्ट्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर त्र्यंबकेश्वर शहर में एक नया अध्याय जुड़ गया है जहाँ शहर की सटीक जनसंख्या और जनसांख्यिकीय डेटा संकलित करने के उद्देश्य से 'डिजिटल जनगणना' अभियान का औपचारिक शंखनाद किया गया है।
नगर परिषद की अध्यक्षा त्रिवेणी तुंगार ने स्वयं मोबाइल के माध्यम से अपनी स्व-गणना दर्ज कर इस महत्वाकांक्षी मुहिम का उद्घाटन किया। नगर परिषद के मुख्याधिकारी गोविंद जाधव ने इस अभियान की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए बताया कि इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है ताकि डेटा की सटीकता बनी रहे।
प्रथम चरण के अंतर्गत 01 मई से 15 मई तक की अवधि में 'स्व-गणना' पर जोर दिया जा रहा है जिसमें नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके पश्चात द्वितीय चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा जिसमें प्रगणक और सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य पूरा करेंगे। मुख्याधिकारी गोविंद जाधव ने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की है क्योंकि सरकारी नीतियों के निर्धारण और भविष्य के विकास नियोजन के लिए ये आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं।
पिछले 15 वर्षों में त्र्यंबकेश्वर के आवासीय विस्तार ने जनसंख्या के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। साल 2011 में त्र्यंबकेश्वर की कुल आबादी 12,056 थी जिसमें 6,170 पुरुष और 5,886 महिलाएं शामिल थीं। शहर में बढ़ते नए आवासों और विस्तार के कारण 2026 तक यह संख्या बढ़कर 25,000 के करीब पहुँचने का अनुमान लगाया गया है।
मुख्याधिकारी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि ये आंकड़े भविष्य की आधारभूत सुविधाओं के सटीक नियोजन के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करेंगे। हालांकि जनगणना की आधिकारिक रिपोर्ट और वास्तविक सटीक आंकड़े साल 2027 में ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएंगे। इस उद्घाटन समारोह के दौरान कर्मचारी निषाद सोनवणे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।