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नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
कुंभ निर्माण कार्यों के चलते गोदावरी के कई घाट और कुंड फिलहाल सूखे बताए गए हैं।
पुरोहित संघ और साधु-संतों ने समारोह के दौरान नदी में जलप्रवाह बनाए रखने की मांग की।
गंगापुर बांध से पानी छोड़ने के विकल्प पर चर्चा हो रही है।
Godavari River Water Ramkund: सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह के दौरान सूखी गोदावरी में जलप्रवाह बनाए रखने के लिए गंगापुर बांध से पानी छोड़ने पर विचार किया जा रहा है। कुंभ के निर्माण कार्यों के चलते नाशिक के रामकुंड सहित गोदावरी के कई घाट और कुंड फिलहाल सूखे हैं।
ऐसे में ध्वजारोहण के अवसर पर नदी में पानी उपलब्ध कराने की मांग जोर पकड़ रही है। हालांकि, बांध से पानी छोड़ने के संबंध में अभी तक सिंचाई विभाग को कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिले हैं। नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
कुंभ पर्व की शुरुआत के इस महत्वपूर्ण आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय नेताओं, मंत्रियों और 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों के शामिल होने की संभावना है। समारोह के दौरान गोदावरी में जलप्रवाह बनाए रखने और रामकुंड क्षेत्र की धार्मिक महत्ता के अनुरूप व्यवस्था करने को लेकर प्रशासन स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है।
रामकुंड और अन्य कुंडों में पानी उपलब्ध कराने के लिए गंगापुर बांध से जल छोड़ने का विकल्प सामने आया है। श्री गंगा गोदावरी पंचकोठी पुरोहित संघ के साथ साधु-संतों ने भी ध्वजारोहण के दिन गोदावरी को प्रवाहित रखने की मांग की है।
पुरोहित संघ के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल ने बताया कि नदी के पात्र में नियमित जलप्रवाह बनाए रखने के लिए पहले भी प्रशासन को कुछ विकल्प सुझाए गए थे।
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली जा रही है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद इस संबंध में जानकारी दी जाएगी।
नाशिक जिले की 15 में से 13 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इसके बावजूद जिले के 26 छोटे-बड़े बांधों में 67,577 मिलियन घनफुट यानी करीब 95 प्रतिशत जल भंडारण होने की जानकारी दी गई है।
ऐसे में कुंभ के ध्वजारोहण के लिए पानी छोड़ने की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, कुल जल भंडारण के आंकड़े के आधार पर किसी एक बांध से पानी छोड़ने का निर्णय स्वतः तय नहीं होता।
नाशिक सिंचाई विभाग की कार्यकारी अभियंता सोनल शहाणे ने बताया कि गंगापुर बांध से पानी छोड़ने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पत्राचार या निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।