सिंहस्थ से ठीक पहले अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की जंग! साधु ग्राम की तैयारियों पर मंडराया संकट

Nashik Kumbh Mela Preparations: सिंहस्थ से पहले अखाड़ा परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद बढ़ गया है। इससे साधु ग्राम में सुविधाओं के विस्तार के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
Nashik Simhastha Akhara Parishad Dispute
अखाड़ा विवाद से 5-5 करोड़ की सहयोग राशि पर संकटप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nashik Simhastha Akhara Parishad Dispute: नासिक सिंहस्थ के आगाज में अब करीब एक माह पांच दिन का समय शेष रह गया है। ऐसे में अखाड़ा परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर जारी वर्चस्व की लड़ाई और बढ़ते विवाद ने प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

अखाड़ा परिषद में जुबानी जंग के बाद विवाद के हिंसक रूप लेने के संकेतों के बीच सिंहस्थ की तैयारियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर के साधु ग्राम में सुविधाओं के विस्तार और नासिक में संतों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना है।

31 अक्टूबर से 13 अखाड़ों में सिंहस्थ की तैयारियां शुरू

31 अक्टूबर को धर्मध्वजा स्थापना के साथ ही सभी 13 अखाड़ों में सिंहस्थ की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो जाएंगी। प्रशासन की ओर से प्रत्येक अखाड़े को 5-5 करोड़ रुपये की अनुदान अथवा सहयोग राशि देने की घोषणा की गई है। राशि के आवंटन के साथ ही त्र्यंबकेश्वर के साधु ग्राम में साधु-संतों, महामंडलेश्वर, महंत और शंकराचार्य के लिए बनाए जाने वाले कॉटेज तथा पंडालों के आवंटन और मूलभूत सुविधाओं की रूपरेखा भी तय की जानी है।

राशि आवंटन पर संशय

इसके अलावा नासिक में तीनों बैरागी अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन के साथ बिजली, पानी और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी है। इन सभी व्यवस्थाओं को लेकर अखाड़ा परिषद और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

लेकिन वर्तमान में परिषद के भीतर ही दो गुट सक्रिय होने और कई अखाड़ों के बीच गंभीर मतभेद सामने आने से प्रशासन के सामने समन्वय की चुनौती बढ़ गई है।

अखाड़ा विवाद से 5-5 करोड़ की सहयोग राशि पर संकट

अखाड़ा परिषद के विवाद का सबसे बड़ा असर 5-5 करोड़ रुपये की सहयोग राशि के आवंटन पर पड़ने की आशंका है। 13 अखाड़ों में से बड़ा उदासीन, नया उदासीन, निर्मल और बैरागी संप्रदाय के निमोंही अणी अखाड़े में अध्यक्ष पद और वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा है। इन चारों अखाड़ों में दो-दो गुट आमने-सामने हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यह तय करना चुनौतीपूर्ण होगा कि सहयोग राशि किस गुट अथवा अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपी जाए।

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