

Nashik Development Projects: शिवसेना नेता संजय राऊत ने महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के कथित मामलों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नासिक में स्मार्ट सिटी के कामों से लेकर आगामी कुंभमेले की तैयारियों तक विभिन्न व्यवहारों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं होने का दावा करते हुए उन्होंने इसे जामनेर पैटर्न बताया है। विभिन्न व्यवहारों में मंत्रियों के दामादों को 27 से 28 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में मिलने का आरोप भी उन्होंने लगाया है।
राऊत ने कहा है कि फडणवीस के अनुसार दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था वाले महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार किस तरह चलता है, इसका प्रात्यक्षिक नासिक शहर में देखने को मिला। सरकारी कामों में खुलेआम पैसों का लेन-देन होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने इसे जामनेर पैटर्न बताया है। चार सजग नागरिकों ने नासिक स्मार्ट सिटी में कथित भ्रष्टाचार के मामले दस्तावेजों के साथ उनके सामने रखे, ऐसा दावा भी उन्होंने किया है।
स्मार्ट सिटी के एक काम का टेंडर रेलटेल कंपनी को 71 करोड़ रुपये में मिला। इसके बाद यही काम पुणे की एक कंपनी को 54 करोड़ रुपये और आगे श्री कंस्ट्रक्शन नामक ठेकेदार कंपनी को 44 करोड़ रुपये में दिए जाने का दावा राऊत ने किया है। यानी 71 करोड़ रुपये का मूल काम अब 44 करोड़ रुपये में हो रहा है, ऐसा उन्होंने कहा है। इस व्यवहार में 27 से 28 करोड़ रुपये संबंधित मंत्रियों के दामादों को कमीशन के रूप में मिलने का आरोप भी उन्होंने लगाया है।
नासिक मनपा और स्मार्ट सिटी से एक ही काम के बिल वसूल किए जाने का आरोप लगाते हुए राऊत ने कहा कि इससे महानगरपालिका के साथ धोखाधड़ी हो रही है। शहर अभियंता और सार्वजनिक निर्माण विभाग की मिलीभगत से यह कथित लूट चल रही है, ऐसा आरोप भी उन्होंने लगाया है। ऐसे कम से कम 64 मामले उनके पास आने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इन मामलों को एक बार देखना चाहिए।
कुंभमेले के कामों को लेकर भी राऊत ने सरकार को निशाने पर लिया है। कुंभमेले के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का बजट है, जबकि पहले यह बजट 15 हजार करोड़ रुपये था, ऐसा उन्होंने कहा है। इस 35 हजार करोड़ रुपये में से ठेकेदारों के माध्यम से मंत्रियों के दामादों और रिश्तेदारों की जेब भरने का गंभीर आरोप उन्होंने लगाया है। कुंभमेले के लिए शुरुआत में 15 हजार सार्वजनिक शौचालय बनाने की योजना थी।
बाद में यह संख्या बढ़कर 56 हजार तक पहुंच गई और अब 10 हजार से अधिक वीआईपी शौचालय बनाए जाने का दावा राऊत ने किया है। उन्होंने इसे आश्चर्यजनक बताते हुए नासिक में कुंभमेले के लिए खोदी गई सड़कों की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र की 80 प्रतिशत सड़कों की स्थिति बेहद खराब होने का दावा करते हुए उन्होंने पूरे मामले को भ्रष्टाचार करार दिया है।