सनातन साध्वी अखाड़ा महापरिषद का राष्ट्रीय सम्मेलन, देशभर से साध्वी, संत और धर्माचार्य हुए शामिल

Sanatan Sadhvi Akhada Mahaparishad: नासिक के पंचवटी में सिंहस्थ कुंभ मेला 2026 की तैयारियों के मद्देनजर सनातन साध्वी अखाड़ा महापरिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
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Panchavati Event (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Conference: सिंहस्थ कुंभ मेला 2026 के मद्देनजर सनातन धर्म के संरक्षण, संवर्धन और मातृशक्ति के संगठन के लिए पंचवटी में सनातन साध्वी अखाड़ा महापरिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। देश भर के आचार्य महामंडलेश्वर, साध्वी, संत, विदुषी, धर्माचार्य और मातृशक्ति को एक ही मंच पर लाने वाला यह एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय उपक्रम माना जा रहा है। यह दो दिवसीय सम्मेलन रविवार 21 जून और सोमवार 22 जून को पंचवटी स्थित बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम श्री स्वामीनारायण मंदिर में आयोजित किया गया है।

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें सनातन धर्म के संरक्षण में मातृशक्ति की भूमिका, नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले में धार्मिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी, तथा गौ, गंगा और गीता की स्वच्छता, संरक्षण और सुरक्षा के संबंध में विस्तृत चर्चा की जा रही है। समाज में धर्म, संस्कृति और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रस्ताव और मार्गदर्शक विचार प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

सिंहस्थ कुंभ मेला 2026 के मद्देनजर पंचवटी में दो दिवसीय भव्य आयोजन

इस राष्ट्रीय सम्मेलन को आद्या जगद्गुरु शंकराचार्य त्रिकाल भवन्ता सरस्वतीजी महाराज (गायत्री त्रिवेणी प्रयाग पीठाधीश्वर) का मार्गदर्शन मिल रहा है। अयोध्या, दिल्ली, वृंदावन, प्रयागराज, काशी, नासिक, हरिद्वार, बिहार जैसे विभिन्न स्थानों से देश भर के कई संत-महंत, धर्माचार्य और महिला आध्यात्मिक नेतृत्व इसमें भाग ले रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर कृष्णा माताजी (कैवल्य अखाड़ा, वृंदावन), 1008 महामंडलेश्वर अनंता परीजी महाराज (दिल्ली), साध्वी उर्मिला, साध्वी सुनीता, साध्वी मनीषा, साध्वी पुष्पा और साध्वी सविता विशेष रूप से उपस्थित हैं।

महिलाओं की भूमिका पर विशेष मंथन

"एकता, साधना, सेवा, संस्कार और संरक्षण" की पंचसूत्री पर आधारित इस सम्मेलन के माध्यम से सनातन धर्म के संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। आयोजकों ने "नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति, धर्म शक्ति और संस्कृति शक्ति" की अवधारणाओं को मजबूत करते हुए समृद्ध और सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए मातृशक्ति से आगे आने का आह्वान किया है।

सोमवार (22 जून) को 'सिंहस्थ कुंभ अमृत संकल्प' नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें समाज और राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक संस्थाओं की भूमिका, कुंभ मेला आयोजन में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

सिंहस्थ कुंभ 2026 के लिए सामूहिक संकल्प

इसके साथ ही 'हरित कुंभ संकल्प' परियोजना का शुभारंभ, वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प, विशिष्ट साध्वियों का सम्मान समारोह तथा सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन विभिन्न प्रस्तावों, आशीर्वचन और राष्ट्रगान के साथ होगा। उपस्थित संतों और धर्मप्रेमियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के लिए यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

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