रुपाली चाकणकर के इस्तीफे पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पहली प्रतिक्रिया, कहा- जांच निष्पक्ष-पारदर्शी होगी

Rupali Chakankar Resignation: नासिक तांत्रिक कांड में नाम आने के बाद महिला आयोग अध्यक्ष की रुपाली चाकणकर को पद छोड़ना पड़ा। इस पर अब उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
Sunetra Pawar Reaction On Rupali Chakankar Resignation
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को इस्तीफा सौंपती रुपाली चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sunetra Pawar Reaction On Rupali Chakankar Resignation: महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ 'सेक्स स्कैंडल' अब राज्य की राजनीति के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुका है। स्वयंभू तांत्रिक कैप्टन अशोक खरात के घिनौने कारनामों का पर्दाफाश होने के बाद महायुति सरकार चौतरफा घिर गई है। इस पूरे प्रकरण में सरकार की हो रही किरकिरी को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अख्तियार किया, जिसके बाद महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

रुपाली चाकणकर ने सुनेत्रा पवार को सौंपा इस्तीफा

रुपाली चाकणकर ने एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। रुपाली ने उपमुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास ‘देवगिरी’ में मुलाकात की और महिला आयोग के अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया।

सुनेत्रा पवार की पहली प्रतिक्रिया

इस पर राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "मुझे महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर का त्यागपत्र प्राप्त हो गया है। वर्तमान स्थिति और जारी जांच को देखते हुए उन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया है। यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कि यह जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो, मैं उनका त्यागपत्र आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित कर रही हूं।"

इस्तीफे की अंदरूनी कहानी

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले में हो रही देरी और महिला आयोग की भूमिका को लेकर खासे नाराज थे। चाकणकर ने शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनने में कोई रुचि नहीं दिखाई। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में सरकार की छवि को नुकसान पहुंचने से सीएम पहले ही नाराज थे और एनसीपी नेताओं को सख्त संदेश दे चुके थे कि ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब चाकणकर उनसे मिलने पहुंचीं, तो फडणवीस ने उनकी सफाई सुनने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद रुपाली चाकणकर को इस्तीफा देना पड़ा।

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