Maharashtra onion farmers (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik News: केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा ‘निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट’ (RoDTEP) योजना के तहत दरों में 50 प्रतिशत की कटौती करने के निर्णय का महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोळे द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय कृषि निर्यात और विशेष रूप से प्याज प्रसंस्करण उद्योग के लिए विनाशकारी साबित होगा।
RoDTEP योजना निर्यातकों को उत्पादन प्रक्रिया के दौरान भुगतान किए गए विभिन्न अप्रत्यक्ष करों की प्रतिपूर्ति के लिए शुरू की गई थी, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहते थे। जानकारों का मानना है कि दरों में 50% की इस कटौती से निर्यातकों की लागत बढ़ेगी और मुनाफे में कमी आएगी। इसका प्याज प्रसंस्करण उद्योग पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। निर्यात कम होने की स्थिति में किसानों को मंडियों में कम दाम मिलने की आशंका है।
भारत दिघोले ने स्पष्ट कहा, “सरकार को RoDTEP दरों को घटाने के बजाय कम से कम 4% तक बढ़ाना चाहिए था। वर्तमान में किसान पहले से ही कम बाजार भाव, बढ़ती लागत और अस्थिर निर्यात नीतियों के कारण संकट में हैं। ऐसे में निर्यात प्रोत्साहन कम करना किसानों के हितों पर आघात करने जैसा है।” उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों से निर्यात प्रतिबंध, न्यूनतम निर्यात मूल्य और स्टॉक लिमिट जैसी नीतियों ने प्याज उत्पादकों को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है।
ये भी पढ़े: मुंबई में घाटकोपर के रास्तों की होगी रिसर्फेसिंग, 5 प्रमुख सड़कों पर BMC खर्च करेगी 4.70 करोड़ रुपए
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार नहीं करती है, तो महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन पूरे राज्य में तीव्र आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।