

Raj Thackeray On Gujarat Contractor: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे अपने दो दिवसीय नासिक दौरे के दूसरे दिन राज्य की महायुति सरकार पर बेहद आक्रामक नजर आए। आगामी 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों और शहर की जर्जर सड़कों का जायजा लेने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कुंभ मेले के अधिकतर ठेके गुजरात के ठेकेदारों को सौंपे जाने पर तीखा एतराज जताते हुए सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र में ठेकेदारों की कमी हो गई है?
नासिक में विकास कार्यों के नाम पर चल रही अनियमितताओं पर हमला बोलते हुए राज ठाकरे ने कहा, "कुंभ मेले के नाम पर बड़े-बड़े ठेके बाहर के लोगों को बांटे जा रहे हैं। गुजरात से ठेकेदार आ रहे हैं, क्या महाराष्ट्र में काम करने लायक ठेकेदार पैदा ही नहीं हुए हैं? यहां सब कुछ दिल्ली और 'ऊपर से' आने वाले आदेशों के इशारे पर चलाया जा रहा है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रशासन और ठेकेदारों का एकमात्र उद्देश्य विकास के नाम पर मिलने वाले भारी कमिशन को डकारना है, उन्हें आम जनता की सहूलियत से कोई लेना-देना नहीं है।
वर्ष 2015 के नासिक कुंभ मेले का जिक्र करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि उस समय नासिक नगर निगम (NMC) में मनसे की सत्ता थी। उन्होंने कहा, "2015 के कुंभ मेले के दौरान हमारी सरकार ने इतनी पारदर्शिता से काम किया था कि किसी नागरिक को सड़कों की बदहाली या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ा।
हमारा मकसद पैसा कमाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुविधाएं देना था। आज जगह-जगह खोदे गए गड्ढों की वजह से लोगों की जानें जा रही हैं, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है।"
राज ठाकरे के इन तीखे आरोपों के बाद नासिक और पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। कुंभ मेले के लिए आवंटित 40,000 करोड़ के बजट और ठेकों के वितरण को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।
राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को शहर की बदहाली और गुजरात को दिए जा रहे कथित ठेकों के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा करने का निर्देश दिया है, जिससे आगामी स्थानीय चुनावों से पहले महायुति सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।