

Nashik Municipal Corporation Godavari River Dengue Threat: नासिक जेल रोड स्थित गोदावरी नदी में छोड़े जा रहे गंदे पानी (सीवेज) और आसपास के परिसर में खुले में फेंके जा रहे कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। नदी तट पर बसे नांदूर, मानूर, दसक और पंचक जैसे गांवों में मच्छरों के कारण नागरिकों का रात में सोना दूभर हो गया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राजाभाऊ जाधव और गणेश मोरे ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस पर तुरंत उपाय नहीं किए, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। गोदावरी नदी में गंदे पानी की भारी मात्रा और जलकुंभी के अत्यधिक बढ़ जाने के कारण बड़े पैमाने पर मच्छरों की उत्पत्ति हो रही है। इस बदबू और मच्छरों के आतंक से स्थानीय नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ गया है।
चक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास, शनि महाराज चौक, राज राजेश्वरी चौक और भारत भूषण सोसाइटी (प्रगति नगर) के सामने वाले हिस्से में लोग बड़े पैमाने पर गीला और सूखा कचरा खुले में फेंक रहे है। इसके साथ ही, गोदावरी नदी के पात्र से बहने वाले काले और बदबूदार गंदे पानी के कारण जलकुंभी को बढ़ने के लिए पोषक माहौल मिल गया है। शाम होते ही मच्छरों से बचने के लिए नागरिक मच्छरदानी, अगरबत्ती, रैकेट, कॉइल और स्प्रे जैसे तमाम उपाय कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की मांग की है। गर्मी के मौसम में नदी में नया पानी न छोड़े जाने के कारण केवल गंदा पानी ही बह रहा है, जिससे मच्छरों को अंडे देने के लिए अनुकूल स्थिति मिल गई है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून से पहले ही महामारी (संक्रामक बीमारियों) की लहर आ सकती है। स्थानीय जनता द्वारा प्रशासन से इस पर तत्काल ठोस उपाय करने की मांग की जा रही है।