धुआं उगलती ST बसों पर बैन की तैयारी, जलगांव में बढ़ता प्रदूषण बना जनसंकट
Nashik News: जलगांव में वायु प्रदूषण बढ़ने पर महानगरपालिका ने ST महामंडल से पुरानी बसें तुरंत बंद करने की मांग की। इन बसों से निकलने वाला काला धुआं नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है।
- Written By: सोनाली चावरे
नासिक ST बसें वायु प्रदूषण (pic credit; social media)
Ban on ST buses: जलगांव की हवा अब जहरीली होती जा रही है। सड़कों पर दौड़ती पुरानी ST बसें अब प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह बन गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जलगांव महानगरपालिका ने राज्य परिवहन महामंडल (ST महामंडल) को औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें पुरानी डीजल बसों का संचालन तत्काल बंद करने की मांग की गई है।
महानगरपालिका का कहना है कि इन बसों से निकलने वाला काला धुआं शहर के वायुमंडल में कार्बन और हानिकारक गैसों की मात्रा बढ़ा रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण से नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में है। अस्थमा, खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
हाल ही में महानगरपालिका में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मंडल और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। जांच में यह तथ्य सामने आया कि शहर के भीतर चल रही पुरानी डीजल बसें वायु प्रदूषण का मुख्य स्रोत हैं। कई बसों के इंजन पुराने हो चुके हैं और उनमें प्रदूषण नियंत्रण के उपकरण भी नहीं हैं।
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महानगरपालिका के अधीक्षक अभियंता प्रकाश पाटिल ने बताया, “ST महामंडल की कई बसें बेहद पुरानी हैं। इनसे निकलने वाला काला धुआं नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। हमने महामंडल को पत्र लिखकर ऐसी सभी बसों को शहर से हटाने की मांग की है।”
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते ये बसें बंद नहीं की गईं, तो जलगांव में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है। महानगरपालिका ने ST महामंडल से वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन (CNG या इलेक्ट्रिक बसें) अपनाने की सिफारिश की है।
शहर में वर्तमान में करीब 120 ST बसें चल रही हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत से अधिक दस साल से पुरानी हैं। ये बसें रोजाना हजारों यात्रियों को लेकर चलती हैं, लेकिन हर दिन इनसे निकलने वाला धुआं पूरे शहर की हवा को जहरीला बना रहा है।
नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। स्थानीय निवासी सुनील चौधरी ने कहा- “हर सुबह सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। बसों का धुआं आंखों और सांस पर असर डालता है। सरकार को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।” अब उम्मीद है कि नगर निगम के इस सख्त रुख के बाद ST महामंडल प्रदूषण मुक्त जलगांव के लिए ठोस कदम उठाएगा।
