

Potholes Protest In Nashik: शहर की बदहाल सड़कों और जानलेवा गड्ढों के मुद्दे पर नासिक महानगरपालिका की विशेष महासभा में जमकर हंगामा हुआ। बैठक शुरू होते ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के पार्षद एंबुलेंस लेकर सभागार में पहुंच गए।
वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पार्षदों ने मरीजों का वेश धारण कर महापौर के आसन के सामने बैठकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर की सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के बावजूद प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों और आम नागरिकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई स्थानों पर दुर्घटनाओं में लोग घायल भी हुए हैं।
राकांपा (अजित पवार गुट) की गटनेता सीमा ठाकरे के मार्गदर्शन में पार्षद मुकेश शहाणे और उनके साथी एंबुलेंस तथा मरीजों का वेश धारण कर सदन में पहुंचे। उनका कहना था कि शहर की खराब सड़कें नागरिकों के लिए किसी गंभीर बीमारी से कम नहीं हैं।
दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के पार्षद केशव पोरजे, वैशाली दाणी, भारती ताजनपुरे और शैलेश ढगे सहित अन्य पार्षदों ने महापौर के आसन के सामने बैठकर नारेबाजी की। उन्होंने गड्ढों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की। विरोध के दौरान भाजपा के कुछ पार्षद भी मंच की ओर पहुंच गए, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामा बढ़ता देख महापौर हिमगौरी आडके ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रदर्शनकारी पार्षदों को भरोसा दिलाया कि गड्ढों और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर सदन में गंभीरता से चर्चा की जाएगी। आश्वासन के बाद पार्षद अपनी सीटों पर लौटे और महासभा की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
इस विशेष बैठक को देखने के लिए दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में नागरिक भी मौजूद रहे। शहरवासियों का कहना है कि सड़क के गड्ढों की समस्या अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुकी है। ऐसे में प्रशासन से स्थायी समाधान और समयबद्ध सड़क मरम्मत की उम्मीद की जा रही है।