

Nashik Mahanagarpalika Grievance Meeting: नासिक महानगरपालिका गालाधारक (दुकानदार व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को नासिक की महापौर हिमगौरी आहेर-आडके से मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न अवधियों में लगाए गए किराया कर, शुल्क और साल 2014 से 2017 के बीच लागू की गई पूर्वप्रभावी (बैकडेटेड) किराया वृद्धि के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने महापौर के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि साल 2014 से 2017 की अवधि के दौरान सभी दुकानदारों ने तत्कालीन पुरानी दरों के अनुसार नियमित रूप से किराया चुकाया है।
इसके बाद साल 2017 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किए गए जीआर (सरकारी संकल्प) के अनुसार हुईं किराया वृद्धि को सैद्धांतिक रूप से 2017 से ही लागू किया जाना अपेक्षित था। हालांकि, संबंधित बढ़ोतरी को साल 2014 से पूर्वप्रभावी पद्धति से लागू किए जाने के कारण दुकानदारों पर भारी आर्थिक बोझ आ पड़ा है। व्यापारियों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी विभिन्न समितियों का गठन किया गया और प्रशासन
महापौर ने यह भी जानकारी दी कि इस विषय पर आगे की कार्रवाई की समीक्षा करने और संबंधित बिंदुओं पर सविस्तर चर्चा करने के लिए एक सप्ताह के भीतर एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर नासिक गालाधारक व्यापारी संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र माधवराव वाळुंजे, शब्बीरभाई मर्चेंट, सतीशभाई पंजवाणी, कुमारजी पंडित और श्री नीलू तेजवाणी सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।
किराया वृद्धि को लेकर व्यापारी संगठन में भारी नाराजगी देखी जा रही है। के समक्ष कई बार इस मुद्दे को उठाया गया। इसके बावजूद अब तक इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है, जिससे दुकानदारों में भारी नाराजगी है।
नासिक महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के उपायुक्त से पूरी फाइल तलब कर ली है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी मांगों का गहराई से अध्ययन करने के बाद यदि आवश्यकता पड़ी, तो राज्य सरकार से पत्राचार किया जाएगा और दुकानदारों की मांगों का सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।