NEET पेपर लीक का आरोपी शुभम खैरनार निकला फर्जी डॉक्टर, काउंसलिंग के नाम पर छात्रों से की लाखों की ठगी
NEET Paper Leak Fake Degree Scam: यूजी नीट पेपर लीक के आरोपी शुभम खैरनार ने बिना परीक्षा दिए फर्जी डॉक्टर बनकर मेडिकल दाखिले के नाम पर छात्रों से लाखों की ठगी की। सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
- Written By: रूपम सिंह
यूजी नीट शुभम खैरनार (सोर्स: सोशल मीडिया)
NEET Paper Leak Shubham Khairnar Arrest: नासिक यूजी नीट पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार के कारनामों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुद बीएएमएस पाठ्यक्रम की एक भी परीक्षा दिए बिना नाम के आगे डॉ. लगाने वाले खैरनार ने करियर काउंसलिंग के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों से लाखों रुपये की ठगी की। मेडिकल प्रवेश की गारंटी देने के नाम पर उसने प्रति छात्र 11 लाख से 45 लाख रुपये तक वसूले। देशभर के 180 से अधिक विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने का दावा कर उसने अनेक परिवारों को आर्थिक रूप से चूना लगाया।
लोगों को सुनाई झूठी कहानी
शुभम खैरनार ने वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साई युनिव्हर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी एंड मेडिकल साइंस में बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रवेश लेने के बाद वह एक भी दिन कक्षा में उपस्थित नहीं हुआ और आज तक उसने बीएएमएस की एक भी परीक्षा नहीं दी।
इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताता रहा। नासिक के दीपालीनगर क्षेत्र में रहने के दौरान उसने डॉक्टर होने का दावा कर लोगों का विश्वास जीता और उसी भरोसे के आधार पर मेडिकल प्रवेश मार्गदर्शन का कारोबार शुरू किया।
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10 लाख में खरीदा था प्रश्नपत्र नीट
पेपर लीक मामले में 12 मई को नासिक पुलिस ने शुभम खैरनार को हिरासत में लेकर आगे की जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया। इसके बाद 13 मई को धनंजय लोखंडे को अहिल्यानगर से हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया है कि लोखंडे ने पुणे से कूरियर के माध्यम से नीट का प्रश्नपत्र खैरनार तक पहुंचाया था।
यह प्रश्नपत्र 10 लाख रुपये में खरीदा गया था। इसके बाद खैरनार ने इसे हरियाणा में टेलेग्राम के जरिए 15 लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया, ऐसा संदेह है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि करियर काउंसलिंग के नाम पर छात्रों से वसूली गई रकम का उपयोग ही प्रश्नपत्र खरीदने के लिए किया गया।
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सोशल मीडिया को बनाया अपना हथियार
5 जून 2024 को एसआर एज्युकेशन कंसल्टेंसी के नाम से शुभम खैरनार ने सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू किया था। इसमें मध्य प्रदेश में बीएएमएस प्रवेश के लिए 11 लाख रुपये से शुरू होने वाले पैकेज, भारत में एमबीबीएस प्रवेश के लिए 65 लाख रुपये से शुरू होने वाले पैकेज, भारत और विदेशों में मेडिकल प्रवेश की गारंटी, नीट और जेईई आवेदन पंजीकरण, मैनेजमेंट कोटा से प्रवेश, पैरामेडिकल और फार्मेसी पाठ्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन जैसे कई दावे किए गए। नासिक शहर, पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, भोपाल और बेंगलुरु में काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध होने का भी विज्ञापनों में उल्लेख किया गया था।
