

नाशिक जिला परिषद के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सांख्यिकी विस्तार अधिकारियों का सितंबर से वेतन लंबित।
वेतन भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने शुरू किया कामबंद आंदोलन।
शासन के निर्णय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से प्रशासनिक असमंजस।
अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों के वेतन पर भी अनिश्चितता मंडराने की आशंका।
Nashik Zilla Parishad Employees Salary Pending Strike: नासिक जिला परिषद के महिला एवं बाल कल्याण विभाग में कार्यरत सांख्यिकी विस्तार अधिकारियों का सितंबर से वेतन लंबित है। भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अभाव में वेतन भुगतान की प्रक्रिया अटकी हुई है। दिवाली से पहले वेतन जारी नहीं होने पर कर्मचारियों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
नासिक, दिवाली नजदीक आने के बावजूद वेतन नहीं मिलने से नासिक जिला परिषद के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। जिला परिषद के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत सांख्यिकी विस्तार अधिकारियों का सितंबर महीने से वेतन लंबित है। भुगतान में हो रही देरी के विरोध में कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को आशंका है कि दिवाली से पहले वेतन नहीं मिला तो उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन के निर्णय के तहत जिला परिषदों के महिला एवं बाल विकास विभाग में कक्ष अधिकारी, वरिष्ठ लिपिक और कनिष्ठ लिपिक जैसे पदों को मंजूरी दी गई है। हालांकि, इस निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने की बात सामने आई है।
इसके कारण प्रशासनिक स्तर पर वेतन भुगतान को लेकर असमंजस बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है और समय पर वेतन नहीं मिलने से घरेलू आर्थिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासनिक अस्पष्टता का असर केवल सांख्यिकी विस्तार अधिकारियों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत सहायक प्रशासन अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और वरिष्ठ सहायक के वेतन भुगतान को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
त्योहार के नजदीक होने के बावजूद वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने शासन से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
वेतन भुगतान की समस्या को लेकर आयुक्तालय ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा ग्राम विकास विभाग के सचिवों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। अब कर्मचारियों को शासन के स्तर पर जल्द निर्णय होने और लंबित वेतन जारी करने की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल, वेतन भुगतान को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि शासन इस मामले में कब तक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देता है।