

VIP रोड की चौड़ाई 30 से बढ़ाकर 35 मीटर करने की योजना।
बाधित निर्माण हटाने की समयसीमा मंगलवार शाम समाप्त।
सीमांकन में कई संपत्तियों के 10 से 15 फीट तक हिस्से प्रभावित होने की जानकारी।
कुछ संपत्तिधारकों ने मुआवजे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
पुलिस बंदोबस्त मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई संभव।
Chhatrapati Sambhajinagar VIP Road Widening Encroachment: छत्रपति संभाजीनगर में भड़कलगेट से लेबर कॉलोनी तक VIP रोड की चौड़ाई 30 से बढ़ाकर 35 मीटर की जा रही है। बाधित निर्माण हटाने के लिए मनपा की ओर से दी गई समयसीमा मंगलवार शाम समाप्त हो गई। कुछ संपत्तिधारकों ने खुद निर्माण हटाया है, जबकि कई जगह अतिक्रमण अब भी कायम है। पुलिस बंदोबस्त मिलने के बाद मनपा कार्रवाई शुरू कर सकती है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में भड़कलगेट से लेबर कॉलोनी तक VIP रोड के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। महानगरपालिका की ओर से सड़क की निर्धारित सीमा में आने वाले निर्माण हटाने के लिए दी गई समयसीमा मंगलवार शाम समाप्त हो गई। कुछ संपत्तिधारकों ने स्वयं बाधित हिस्सा हटा लिया है, लेकिन भड़कलगेट, टाउन हॉल और किलेअर्क क्षेत्र में कई जगह निर्माण अब भी कायम है।
ऐसे में पुलिस बंदोबस्त उपलब्ध होते ही महानगरपालिका अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकती है। हालांकि, कार्रवाई किस दिन शुरू होगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नई विकास योजना के अनुसार, VIP रोड की चौड़ाई 30 मीटर से बढ़ाकर 35 मीटर की गई है। इसके लिए नगर रचना विभाग ने सोमवार को मौके पर सीमांकन किया। इस प्रक्रिया में कई संपत्तियों के 10 से 15 फीट तक हिस्से प्रभावित होने की बात सामने आई है।
सीमांकन के बाद संबंधित संपत्तिधारकों की चिंता बढ़ गई है। जिन लोगों के निर्माण सड़क की निर्धारित सीमा में आ रहे हैं, उन्हें बाधित हिस्सा हटाने के लिए कहा गया है।
कुछ संपत्तिधारकों का कहना है कि प्रभावित जमीन का उचित मुआवजा दिए जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि भले ही निर्माण अनधिकृत हो, लेकिन जमीन पर उनका स्वामित्व है।
सूत्रों के अनुसार, लगभग 12 से 13 संपत्तियों के पास निर्माण की अनुमति है। ऐसे मामलों में नियमानुसार नोटिस देने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत हो सकती है। कुछ संपत्तिधारकों ने इस मामले में न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है।
पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के कारण पुलिस बल उपलब्ध होने में देरी हो सकती है। इसलिए महानगरपालिका की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने का समय अभी तय नहीं है।
अब आगे की कार्रवाई में प्रभावित संपत्तियों की स्थिति, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पुलिस बंदोबस्त अहम होंगे।