

Nashik Water Crisis: नासिक शहर में पिछले कुछ दिनों से जारी गंभीर जल संकट और मनपा की कार्यप्रणाली को लेकर जीवन केशरी मराठी विद्यार्थी समूह ने कड़ा रुख अपनाया है। समूह के प्रमुख प्रसाद भालेकर ने विभागीय आयुक्त को एक विस्तृत नीतिगत सुधार आवेदन सौंपकर मनपा की जवाबदेही तय करने की मांग की।
निवेदन में 4 और 5 अप्रैल को घोषित जल शटडाउन के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समूह ने प्रशासन से घोषित शटडाउन से पहले ही मखमलाबाद, हनुमानवाड़ी और प्रोफेसर कॉलोनी जैसे इलाकों में पानी की किल्लत क्यों थी? 36 घंटे का आश्वासन देकर 48 घंटे का पूर्ण शटडाउन क्यों थोपा गया? 6 अप्रैल को 'कम दबाव' से पानी देने का वादा निभाने में प्रशासन विफल क्यों रहा? 7 अप्रैल तक भी पंचवटी, सिडको और नासिक रोड जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल क्यों नहीं हुई? आदि पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
विद्यार्थी समूह ने केवल शिकायत ही नहीं की, बल्कि शहर के भविष्य के लिए 16 सूत्रीय सुधारात्मक मांगे भी रखी है, जिसमें इंडिया एआय अभियान' के तहत जल प्रबंचन के लिए एआई और स्काडा प्रणाली लागू करना, 15 अप्रैल के बाद जीपीएस-आधारित दैनिक जल आपूर्ति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
यदि प्रशासन समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देता है, ती वै कानूनी मार्ग अपनाएंगे, नासिक का नागरिक और युवा पीढ़ी इस शहर का भविष्य है। प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी स्वीकारनी होगी और जल आपूर्ति को तत्काल सुचारू करना होगा।
- प्रसाद भालेकर (जीवन केशरी समूह)