

Nashik Admission Issues: नासिक सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश गोसावी की कार्यप्रणाली के विरोध में विद्यार्थी कार्य समिति द्वारा अपर जिलाधिकारी कार्यालय पर एक विशाल निषेध मोर्चा निकाला गया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले दो-तीन वर्षों में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षाओं के आयोजन और परिणामों की घोषणा जैसे मुख्य मोचों पर भारी अनियमितताएं देखी जा रही हैं। प्रशासन में अनिश्चितता का माहौल है क्योंकि कई महत्त्वपूर्ण पद लंबे समय से प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, सीएएस और पीएचडी जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रक्रियाओं में हो रहे विलंब के कारण छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
समिति ने यह भी चिंता व्यक्त की कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के तहत अपेक्षित प्रदर्शन न करने के कारण विश्वविद्यालय को मिलने वाली निधि रुक सकती है।
साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में विश्वविद्यालय की गिरावट पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुलपति अनैतिक विवाद पैदा करने वाले तत्वों को प्रोत्साहन दे रहे हैं और विश्वविद्यालय के हित में काम करने वाले सदस्यों पर दबाव बनाया जा रहा है।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश गोसावी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप अत्यंत गंभीर हैं, जिससे शिक्षा क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है। नासिक उपकेंद्र का विकास न होना और रिक्त पदों को न भरना चिंताजनक है। सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए।
- सामाजिक कार्यकर्ता, निखिल पवार