

Nashik Water Crisis Relief By Corporator: शहर में शनिवार 20 जून को जलापूर्ति बाधित रहने के कारण कई क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई। अचानक जलापूर्ति बंद होने से नागरिकों को पेयजल और घरेलू उपयोग के लिए पानी जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में प्रभाग क्रमांक 17 की नगरसेविका प्रमिला मैंद ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण पहल की।
उन्होंने अपने निजी खर्च से दो पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर पूरे प्रभाग में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की। जल संकट के दौरान यह व्यवस्था नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर टैंकरों की व्यवस्था नहीं की जाती तो कई परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता।
पानी की समस्या को देखते हुए नगरसेविका प्रमिला मैंद ने केवल टैंकर उपलब्ध कराने तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि स्वयं पूरे वितरण कार्य की निगरानी भी की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि प्रभाग के प्रत्येक हिस्से तक पानी पहुंचे और किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। जानकारी के अनुसार, प्रमिला मैंद ने केवल आपात स्थिति के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में भी जल संकट से निपटने के उद्देश्य से अपने निजी खर्च से दो पानी के टैंकर खरीदे हैं।
इन टैंकरों का उपयोग जरूरत पड़ने पर नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए किया जाएगा। पानी की कमी के कारण विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और छोटे बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था, लेकिन समय पर की गई इस व्यवस्था से स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही।
स्थानीय नागरिकों ने नगरसेविका प्रमिला मैंद के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों की घोषणाएं करना नहीं, बल्कि संकट के समय जनता के साथ खड़ा रहना भी होता है। जल संकट जैसी स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाकर प्रमिला मैंद ने जनसेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
क्षेत्र के कई नागरिकों ने कहा कि उनके इस कदम से हजारों लोगों को राहत मिली है। पूरे प्रभाग में इस पहल की चर्चा हो रही है और नागरिक इसे संवेदनशील एवं जिम्मेदार जनप्रतिनिधित्व का प्रतीक मान रहे हैं। उनके इस कार्य को अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणादायक बताया जा रहा है।