

शाम तक केवल 200 कर्मचारी मुख्यालय पहुंचे।
शेष 400 कर्मचारियों की अनुपस्थिति की जांच होगी।
कर्मचारियों को दिन में तीन बार हाजिरी दर्ज करनी अनिवार्य है।
पाली के समय और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी अपडेट होंगे।
Sambhajinagar Municipal Corporation Attendance: कर्मचारियों की उपस्थिति पर नजर रखने के लिए शुरू किए गए हाजिरी अनुप्रयोग को ही मनपा के कर्मचारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सोमवार को जांच के दौरान 600 कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं मिली।
आयुक्त अमोल येडगे ने सभी को मुख्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया, लेकिन शाम तक केवल 200 कर्मचारी ही पहुंचे। शेष 400 कर्मचारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संतोषजनक कारण नहीं बताने वाले कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
महानगरपालिका के स्थायी और संविदा कर्मचारियों के लिए उपस्थिति दर्ज करने हेतु हाजिरी अनुप्रयोग शुरू किया गया है। इसके माध्यम से दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। कर्मचारियों का वेतन भी इसी अनुप्रयोग में दर्ज उपस्थिति के आधार पर निकाला जाता है। इसके बावजूद कई कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। सोमवार, 19 अक्टूबर को हुई जांच में यह लापरवाही सामने आई।
उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर आयुक्त अमोल येडगे ने 600 कर्मचारियों को शाम को मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, इनमें से केवल 200 कर्मचारी ही पहुंचे। शेष 400 कर्मचारियों ने उपस्थिति क्यों दर्ज नहीं की, इसकी जांच की जाएगी। उचित कारण नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई होगी।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा में कुछ कर्मचारी अलग-अलग पालियों में काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों के काम के समय को हाजिरी अनुप्रयोग में अद्यतन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों के नाम भी अनुप्रयोग से हटाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी अथवा प्रशासनिक कारणों से जिन कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, उनके मामलों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। आयुक्त की इस सख्ती से अब कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और हाजिरी व्यवस्था के पालन पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।