

Highlights:
नासिक जिला परिषद की पहल पर पांच एकल महिलाओं ने सामूहिक समारोह में नई जिंदगी की शुरुआत की।
दादा भुसे और नरहरी झिरवाल सहित जनप्रतिनिधियों ने अंतरपाट की रस्म निभाई और मंगलाष्टक पढ़े।
गृहस्थी का सामान खरीदने के लिए प्रत्येक नवदंपति को 31 हजार रुपए का चेक दिया गया।
Nashik Mass Remarriage Ceremony: विवाह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और आनंदमयी क्षण होता है। नासिक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार की पहल पर आयोजित एक अनूठे सामूहिक विवाह समारोह की चर्चा पूरे शहर में हो रही है।
इस विशेष आयोजन में मंत्रियों ने खुद अंतरपाट (पर्दा) पकड़ा और मंगलाष्टक पढ़ा। राज्य सरकार की नीतियों के तहत एकल (एकल/विधवा/परित्यक्ता) महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से नासिक जिला परिषद द्वारा यह आयोजन किया गया।
महात्मा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में पांच महिलाओं ने अपने जीवन की नई शुरुआत की।
इस विवाह समारोह में स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे, अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल, सांसद भास्कर भगरे, विधायक हिरामण खोसकर और शिवसेना उपनेता अजय बोरस्ते बाराती के रूप में शामिल हुए। जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद और जिला परिषद सीईओ ओंकार पवार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य कर खुशी जताई।
समारोह के दौरान पुनर्विवाह करने वाली ग्रामीण महिलाओं के बच्चों के लिए 1-1 लाख रुपए के बचत पत्रों का वितरण किया गया। साथ ही, नवदंपत्तियों को गृहस्थी का सामान खरीदने के लिए 31-31 हजार रुपए के चेक प्रदान किए गए।
जिला परिषद मुख्यालय के प्रांगण में संपन्न हुए इस विवाह समारोह में जब मंगलाष्टक की गूंज और फूलों की खुशबू फैली, तो वर्षों से एकाकी जीवन जी रही महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। इस गरिमामय आयोजन ने एकल महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दी है।