नासिक सिंहस्थ कुंभ में टेंट सिटी के लिए SOP जारी, जमीन से लेकर सुरक्षा और स्वच्छता तक नियम तय

Nashik Simhastha Kumbh Tent City: सिंहस्थ कुंभ के दौरान नासिक-त्र्यंबकेश्वर में निजी भूमि पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी। न्यूनतम 2 एकड़ जमीन, स्वच्छता, सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाएं अनिवार्य होंगी।
Nashik Simhastha Kumbh Tent City SOP Private Land 2 Acre Rules
नासिक सिंहस्थ कुंभ की टेंट सिटी(फोटो नवभारत)
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Nashik Tent City SOP Private Land 2 Acre Rules: सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान नासिक और त्र्यंबकेश्वर में जुटने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवास की अतिरिक्त व्यवस्था के लिए नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण ने निजी भूमि पर टेंट सिटी विकसित करने के संबंध में विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।

निजी भूमि मालिक तथा भूमि मालिक के साथ समझौता ज्ञापन करने वाली संस्थाएं इन सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगी। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कड़े मानदंड तय किए गए हैं।

कुंभ मेले के दौरान शहर के स्थायी बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने के उद्देश्य से इन टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा। इन अस्थायी बस्तियों में आवास के साथ-साथ शौचालय, स्नानघर, जलापूर्ति, बिजली, कचरा प्रबंधन, पार्किंग, भोजन, सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाओं का समावेश करना अनिवार्य होगा।

न्यूनतम 2 एकड़ जमीन होना अनिवार्य

निजी भूमि मालिक या भूमि मालिक के साथ पंजीकृत समझौता रखने वाले ऑपरेटर ही टेंट सिटी के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित भूमि निजी स्वामित्व वाली, एकखंडीय (सलग) और हर प्रकार के भार/विवाद से मुक्त होनी चाहिए।

इसके अलावा, जमीन नासिक जिले की सीमा में और न्यूनतम 2 एकड़ क्षेत्रफल की होनी चाहिए। टेंट सिटी का निर्माण पूरी तरह से अस्थायी होगा तथा स्वीकृत अवधि समाप्त होने के बाद सभी तंबुओं व ढांचागत संरचनाओं को हटाकर भूमि को पूर्ववत स्थिति में लौटाना होगा।

नदी-नालों में गंदा पानी बहाने पर प्रतिबंध

टेंट सिटी में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। पर्याप्त संख्या में शौचालय, स्नानघर तथा दिव्यांगों के अनुकूल सुविधाएं प्रदान करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में नदी, नाले या प्राकृतिक जल स्रोतों में गंदा पानी बहाने की अनुमति नहीं होगी। खुले में कचरा फेंकने अथवा कचरा जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

पेयजल की गुणवत्ता की होगी नियमित जांच

पीने और अन्य उपयोग के पानी के लिए अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी। सामान्य दिनों में हर सात दिन में एक बार, जबकि शाही स्नान के दिनों में प्रतिदिन पानी की गुणवत्ता की जांच कर उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।

कचरे का उसके स्रोत पर ही वर्गीकरण, अधिकृत एजेंसी के माध्यम से दैनिक एकत्रीकरण तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार निस्तारण करना होगा। गीले कचरे से कंपोस्ट या बायोमीथेनेशन द्वारा निस्तारण को प्राथमिकता दी गई है।

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अग्निशमन से लेकर एम्बुलेंस तक की व्यवस्था अनिवार्य

प्रत्येक टेंट सिटी के लिए नासिक जिला प्रशासन के समन्वय से एक पृथक आपातकालीन कार्य योजना तैयार करनी होगी। इसमें आग, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा आपातकाल, निकासी और मौसम संबंधी चेतावनियों को शामिल किया जाएगा। विद्युत व्यवस्था के लिए सुरक्षित वायरिंग, अर्थ-लीकेज सर्किट ब्रेकर लगाना और श्रद्धालुओं को ठहराने से पहले इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराना आवश्यक होगा।

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शीघ्र शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

निजी टेंट सिटी की स्थापना के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। आवेदकों को भूमि के दस्तावेज, जीपीएस निर्देशांक, लेआउट प्लान, तंबुओं की संख्या व प्रकार, पार्किंग, अग्निशमन उपायों और अपने अनुभव के प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। प्राप्त प्रस्तावों की संबंधित विभागों द्वारा जांच की जाएगी।

ऑपरेटरों के लिए आपदा प्रबंधन, स्वच्छता, जल संसाधन, विद्युत, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा। नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा, सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक सुव्यवस्थित अतिरिक्त आवास व्यवस्था तैयार करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

स्थायी बुनियादी ढांचे पर दबाव डाले बिना श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन तैयारियों के स्पष्ट मानक तय किए गए हैं। इससे निजी भूमि मालिकों और ऑपरेटरों को भी कुंभ मेले के भव्य आयोजन में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा।

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